दूरी ज्यादा होने के कारण फायर फाइटर्स को घटना स्थल तक पहुंचने में ज्यादा समय लगा। आग फैल जाने के कारण उस पर मुश्किल से काबू पाया जा सका।
Fire Brigade : शहर सीमा का लगातार विस्तार हो रहा है। तिलहरी, पनागर, खमरिया, तिलवारा, तेवर, गौरीघाट, भटौली की ओर नई कॉलोनियां बस रही हैं। लेकिन, अग्नि दुर्घटनाओं में बड़े नुकसान से बचाव के लिए फायर ब्रिगेड रेस्पॉन्स टाइम सुधारने के लिए लिए फायर सब स्टेशन नहीं बनाए जा रहे। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार 12 महीनों के दौरान 339 अग्नि दुर्घटनाओं में डेढ़ करोड़ से ज्यादा की सम्पत्ति खाक हो गई। इनमें से कई घटनाएं ऐसी थीं, जब दूरी ज्यादा होने के कारण फायर फाइटर्स को घटना स्थल तक पहुंचने में ज्यादा समय लगा। आग फैल जाने के कारण उस पर मुश्किल से काबू पाया जा सका।
नगर की सीमा बढ़ने के साथ ही निगम के फायर सब स्टेशन नहीं बनाए जाने से फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में लम्बी दूरी तय करना पड़ती है। निगम मुख्यालय से 15-20 या 25 किमी की दूरी तक पर अग्नि दुर्घटना होने पर दमकल वाहनों को मौके पर पहुंचने में कई बार 20-25 मिनट का समय लग जाता है। इस दौरान आग फैल जाती है। ऐसे में शहर के चारों ओर सेंसटिव जोन में दमकल सब स्टेशन स्थापित हो जाएं, तो वाहनों रेस्पॉन्स टाइम कम लगेगा।
गढ़ा रिहायशी इलाका, मेडिकल अस्पताल क्षेत्र, ग्वारीघाट, सिविल लाइन, रांझी, अधारताल क्षेत्र में सब स्टेशन बनाना प्रस्तावित है। जिससे शहर के सभी 79 वार्डों में आवश्यकता के अनुसार दमकल वाहन कम समय में पहुंच सकें और आग से होने वाला नुकसान कम से कम हो।
अग्नि दुर्घटना की सूचना आने पर फायर फाइटर की टीम तत्काल रेस्पॉन्स करती है। हालांकि, घटना स्थल दूर होने पर वहां तक पहुंचने में ज्यादा समय लगता है। शहर विस्तार को देखते हुए फायर सब स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव है।