गणेश चतुर्थी 2018
लाली कोष्टा@जबलपुर। प्रथम पूज्य भगवान गणेश की दस दिवसीय स्थापना पूजन को लोग पूरे साल करते हैं। गणेशोत्सव शुरू होने के महीनों पहले से ही लोग तैयारियों में जुट जाते हैं। मूर्तिकार मूर्तियों को बनाने में जुट गए हैं। कई प्रतिमाएं अपने अंतिम रूप में पहुंच चुकी हैं। वहीं सार्वजनिक गणेशोत्सव समितियों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार दस दिवसीय गणेशोत्सव 13 सितम्बर से शुरू होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार भगवान गणेश विशेष मुहूर्त व योग में भक्तों के घर पधारेंगे।
ज्योतिषाचार्य पं. जनार्दन शुक्ला के अनुसार दस दिन तक चलते वाले गणेश पर्व के लिए विशेष मुहूर्त व समय अवश्य देखा जाता है। क्योंकि भगवान से हर कोई मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान का पूजन करते हैं।
चंद्र दर्शन निषेध
ज्योतिषाचार्य के अुनसार इस दिन यानी गणेश चतुर्थी के दिन चन्द्र-दर्शन निषेध माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करने से मिथ्या दोष लग सकता है। जिस कारण से भक्तों को झूठे आरोपों से सामना करना पड़ता है। इस दिन चांद नहीं देखने का एक विशेष समय निर्धारित होता है। 12 सितंबर 2018 दिन बुधवार को चंद्रमा को नहीं देखने का समय -04:05 से 08:30 बजे तक। जिसकी अवधि - 04 घंटे 25 मिनट है। 13 सितंबर 2018 गुरुवार के दिन चंद्रमा को नहीं देखने का समय - चंद्रोदय से रात 09: 10 बजे तक।
गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त
साल 2018 में गणेश चतुर्थी 13 सितंबर 2018 गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। दस दिनों के बाद 23 सितंबर 2018, रविवार को अनंत चतुर्दशी है जिस दिन गणेश विसर्जन किया जाएगा।
गणेश चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त
मध्यकाल में गणेश पूजन का समय - सुबह 11:00 से 01:20 तक। मुहूर्त की अवधि - 2 घंटे 20 मिनट। इस बार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 12 सितंबर दिन बुधवार को 04:05 से प्रारंभ होगी। जिसका समापन 13 सितंबर दिन गुरुवार को दोपहर 02:50 पर होगा। चूंकि सूर्योदय के साथ यह तिथि रहेगी, इसलिए 13 को ही गणेश चतुर्थी पर्व मनाया जाएगा।