आयुध निर्माणियों की हड़ताल के बाद जीसीएफ में आमसभा
जबलपुर। सरकार में बैठे लोगों ने कभी यह सोचा नहीं होगा कि सेना के लिए रक्षा सामग्री बनाने वाला मजदूर अपने जीवन और देश की धरोहर को बचाने के लिए फौलादी रूप से झंडा और डंडा के साथ सडकों पर खड़ा हो जाएगा। यह मजदूरों की एकता की मिसाल थी कि सरकार को उनके आगे झुकना पड़ा। इसलिए रक्षा मंत्रालय ने कर्मचारी महासंघों से बातचीत की। यह विचार जीसीएफ वेस्ट गेट पर आयोजित द्वारसभा में एआईडीइएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसएन पाठक ने कही।
जीसीएफ में यह द्वारसभा आयुध निर्माणियों में सोमवार से स्थगित हुई हड़ताल के उपलक्ष्य में हुई। बीपीएमएस के राष्ट्रीय संगठन मंत्री नरेन्द्र तिवारी ने बताया कि सरकार को घोषणा करनी पड़ी कि निगमीकरण सरकार का अंतिम फैसला नहीं है और सरकार ने फेडरेशनों की मांगों पर विचार करते हुए हाई पावर कमेटी गठित करने का लिखित वादा किया है। आईएनडीडब्ल्यूएफ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयमूर्ति ने सभा में कहा कि देश व्यापी हड़ताल निर्माणियों में यादगार रहेगी। बीपीएमएस के रामप्रवेश सिंह ने कहा कि सरकार के हाई पावर कमेटी बनाने के वादे के कारण हड़ताल को टाला है उसे ख़त्म नहीं किया है। इस दौरान नेमसिंह एवं अरुण दुबे ने भी अपनी बात रखी।
डब्लूसीआरईयू का रेल बचाओ आंदोलन शुरू
वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन का रेल बचाओ देश बचाओ आंदोलन सोमवार से शुरू हो गया। यह आंदोलन पमरे के तीनों रेल मंडल जबलपुर, भोपाल और कोटा में छह सितम्बर तक चलेगा। दस दिनों तक लगातार चलने वाले आंदोलन की शुरुआत डब्ल्यूसीआरईयू के महामंत्री मुकेश गालव के नेतृत्व में की गई।
जबलपुर में मंडल सचिव नवीन लिटोरिया, मंडल अध्यक्ष बीएन शुक्ला सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और रेल कर्मचारियों की मौजूदगी में प्रथम दिवस यूनियन कार्यालय के समक्ष रेलवे की कर्मचारी विरोधी नीति के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया गया। यह आंदोलन यूनियन के मान्यता चुनाव तुरंत कराने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, टै्रक मेंटेनर के अन्य विभागों में समायोजन के लिए आयु सीमा की बाध्यता समाप्त करने जैसी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर किया गया। प्रदर्शन के दौरान रमेश मिश्रा, जनरैल सिंह, प्रहलाद सिंह, राकेश श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
ये कल करेंगे हड़ताल
मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम और वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कारपोरेशन के कर्मचारी 28 अगस्त को हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि शासन के समान सेवानिवृत्ति आयु करने सहित अन्य मांगे पूरी नहीं होती तो कर्मचारी और अधिकारी लंबी छुट्टी पर चले जाएंगे। हड़ताल के कारण खाद्यान्न उठाव एवं पर्ची जारी करने सहित पीडीएस का काम भी प्रभावित रहेगा।