नए साल के जश्न में जमकर छलके जाम, मदिरा की खपत होली पर्व से भी ज्यादा
जबलपुर। नए साल के जश्न के सुरूर में पियक्कड़ करीब 9 लाख लीटर अंग्रेजी शराब गटक गए। एक दिन में करीब तीन करोड़ रुपए शराब की बिक्री से आबकारी विभाग के अधिकारी भी दंग है। नए वर्ष के स्वागत के लिए रविवार को शहर के होटल, रेस्टोरेंट और क्लबों में पार्टियां हुई। इसमें लोगों ने खूब जाम छलकाएं। रोचक यह है कि शराब परोसने के लिए जिले में बार और अहातों के अलावा 51 होटल, रेस्टारेंट और क्लबों को अस्थाई लाइसेंस जारी किए गए थे। सुरूरियत का आलम यह रहा कि शराब दुकानों में आधी रात से भी ज्यादा समय तक लोगों की भीड़ देखी गई। जिले में ३१ दिसम्बर की रात से एक जनवरी तक इतनी बड़ी मात्रा में शराब बिक्री का संभवत: यह पहला ही मौका है।
महंगी शराब बेचकर मोटी कमाई
आबकारी विभाग को भी उम्मीद नहीं थी कि इतनी मात्रा में शराब बिकेगी और राजस्व मिलेगा। इसकी एक वजह यह भी है कि शराब की अधिकृत दुकानों के अलावा होटल और रेस्टारेंट में भी इसे परोसना रहा। इसी तरह अवैध तरीके से शराब विक्रय का खेल भी चलता रहा। भले ही आबकारी विभाग कार्रवाई के लिए जुटा रहा, लेकिन शराब बेचने वालों ने जश्न मनाने वालों को महंगी शराब बेचकर जमकर कमाई की।
दोगुनी हुई मदिरा की खपत
नए साल का जश्न शराब की खपत के मामले में होली पर्व पर भारी पड़ गया है। वर्ष 2017 की विदाई के आखिरी दिन और 2018 के आगाज पर शहर में लोगों ने करीब 3 करोड़ रुपए खर्च किए। करीब एक लाख पेटी खराब की खपत हुई। ये आंकड़ा सिर्फ विदेशी मदिरा का है। जबकि सामान्य दिनों में शहर में 50 हजार से भी कम पेटी शराब की खपत हो पाती है। चौंकाने वाली बात ये है कि बीते होली पर्व भी शराब की बिक्री लगभग 2 करोड़ रुपए के आसपास सिमट गई थी।
जश्र में शराब का चलन बढ़ा
शराब की रिकॉर्ड बिक्री इस बात की ओर इशारा कर रही है कि नए साल के जश्र में मदिरा के सेवन का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। शहर में होने वाली ज्यादातर न्यू ईयर ईव पार्टियों में मदिरा की व्यवस्था होने को लेकर भी इससे जोड़ा जा रहा है। अकेले न्यू ईयर से आबकारी विभाग को करीब 5 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। आबकारी विभाग में सहायक आयुक्त एसएन दुबे के अनुसार 31 दिसम्बर, 2017 और 1 जनवरी, 2018 को जिले में करीब 3 करोड़ रुपए की शराब के विक्रय का अनुमान है। विभाग की ओर से 51 अस्थाई लाइसेंस जारी किए गए थे।