जबलपुर

सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में हो सकेंगे हार्ट-लिवर ट्रांसप्लांट, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी दिया आश्वासन

सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में जल्द हो सकेंगे हार्ट-लिवर ट्रांसप्लांट, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी दिया आश्वासन
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Updated: 4 Sep 2025, 1:02 PM IST
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heart ageing socioeconomic impact (photo- freepik)

Heart-liver transplant : मेडिकल हब की दिशा में संसकारधानी की छवि और मजबूत होने वाली है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के एक्सटेंशन की राह खुल गई है। यहां लगभग ढ़ाई सौ करोड़ की लागत से 7 मंजिला अत्याधुनिक भवन का निर्माण होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल के एक्सटेंशन के लिए चिकित्सकों से हर संभव मदद की बात कही थी। अब उप मुख्यमंत्री व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निर्णय से अस्पताल के नए भवन के निर्माण का रास्ता खुल गया है। चार सौ से ज्यादा बेड का नया अस्पताल भवन बनने पर यहां गेस्ट्रोलॉजी व गेस्ट्रिक सर्जरी की ब्रांच शुरू हो सकेंगी। नए वार्ड, ऑपरेशन थियेटर मिलने से हार्ट, लिवर के ट्रांसप्लांट की राह खुलेगी।

(photo- grok ai)

Heart-liver transplant : नए भवन के पास होगा निर्माण

वर्तमन सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के एक्सटेंशन के लिए समीप ही नया भवन बनेगा। सात मंजिला भवन में वर्तमान ब्रांचों के विस्तार के साथ ही नई ब्रांच शुरू करने के लिए भी आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। एक्सटेंशन भवन के लिए डीपीआर तैयार हो चुकी है।

Heart-liver transplant : ऐसे होगा निर्माण

●280 बेड हैं वर्तमान सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में
●410 बेड का बनेगा नया अस्पताल भवन
●250 करोड़ से ज्यादा राशि निर्माण पर खर्च होने का अनुमान
●07 मंजिला भवन बनेगा ग्राउंड फ्लोर के साथ
●05 ओटी बनेंगे पांचवीं मंजिल पर
●ऊपर के दो फ्लोर होंगे सर्विस फ्लोर, यूटिलिटी की होगी सुविधा

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Heart-liver transplant : अस्पताल पर लोड

●5 साल पहले मेडिकल में खुला था सुपरस्पेशलिटी अस्पताल
●180 करोड़ हुए थे खर्च
●8 ब्रांच के साथ हुई थी शुरुआत
●22 जिलों के मरीजों की निर्भरता
●कोरोनाकाल में बना था सबसे बड़ा सेंटर

Heart-liver transplant : इन विभागों पर दबाव

गंभीर रोगियों इलाज के लिए 5 साल से महाकोशल, विंध्य, बुंदेलखंड का सबसे बड़ा सेंटर बन चुका सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ओवरलोड हो गया है। अस्पताल शुरू होने के बाद से ना तो यहां मेन पॉवर बढ़ा है और ना ही इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुंआ। गंभीर मरीजों को भी बेड नहीं मिलता। कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी जैसे विभागों में मरीजों का सर्वाधिक दबाव है।

File Photo (IANS)

Heart-liver transplant : 5 ऑपरेशन थिएटर बनेंगे

नए भवन के ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी, डॉक्टरों और स्टाफ के केबिन होंगे। पहली मंजिल पर मशीनों से जांच की सुविधा, दूसरी, तीसरी व चौथी मंजिल में वार्ड और पांचवी मंजिल पर ओटी, छठीं व सातवीं मजिल पर सर्विस फ्लोर होंगे। इनमें यूटिलिटी की सुविधा होगी। नए भवन में भी पुराने भवन के की तरह रैम्प और लिफ्ट की सुविधा होगी।

Heart-liver transplant : ये ब्रांच हैं वर्तमान में

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में वर्तमान में न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी सर्जरी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूनेटोलॉजी, कॉर्डियोलॉजी, एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी की ब्रांच हैं।

Heart-liver transplant : सुपरस्पेशलिटी अस्पताल पर मरीजों का अत्यधिक दबाव है, ऐसे में इसके एक्सटेंशन के लिए नए भवन का निर्माण आवश्यक है, इस दिशा में लगातार प्रयासरत रहे हैं। अस्पताल का नया भवन बनने से ज्यादा संख्या में मरीजों को सुपरस्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा, इसके साथ ही कुछ नई ब्रांच भी शुरू हो सकेंगी।

  • डॉ. नवनीत सक्सेना, डीन, नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज
Updated on:
4 Sep 2025, 1:02 PM IST
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