जेल प्रहरी परीक्षा 2014 में गड़बड़ी का मामला
जबलपुर। व्यापमं महाघोटाले के मामलों की सुनवाई के लिए गठित स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को दूसरे मामले का फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश एसएस परमार की कोर्ट ने जेल प्रहरी परीक्षा 2014 में नकल कराने वाले आरोपी मुरैना जिला निवासी प्रदीप त्यागी को दो साल सश्रम कारावास की सजा व 6 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया। है। सागर की जिला अदालत नकल करने वाली परीक्षार्थी उपेक्षा नायक को पहले ही सजा सुना चुकी है। स्पेशल कोर्ट ने दो आरोपितों नितिन शर्मा व भानू सिकरवार को फरार घोषित कर उनकी गैरमौजूदगी में सजा सुनाई। कोर्ट ने 31 जुलाई को पहले मामले में फैसला दिया था।
अंतवस्त्र में छिपाया था मोबाइल
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक मुकेश मिश्रा के अनुसार 15 जून 2014 को शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपालगंज सागर में जेल प्रहरी चयन परीक्षा आयोजित थी। परीक्षार्थी उपेक्षा नायक बार-बार दाएं-बाएं देख रही थी। पर्यवेक्षकों को शक होने पर उसकी तलाशी ली गई तो वे हैरत में पड़ गए। उपेक्षा के कुर्ते की कॉलर में सफेद टेप से तांबे के पतले तार में बंधी एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगी हुई थी। वह दूर बैठे किसी व्यक्ति से बात कर प्रश्न हल कर रही थी। महिला पर्यवेक्षक ने तलाशी ली तो परीक्षार्थी के अंतर्वस्त्र से एक सिम लगा मोबाइल जब्त हुआ। उसने बताया कि प्रदीप त्यागी, नितिन शर्मा व भानू सिकरवार बाहर बैठकर उसे प्रश्नों के उत्तर बता रहे थे। सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रदीप त्यागी को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 सहपठित धारा 120 व मप्र मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम 1937 की धारा 3-4 के तहत दोषी पाया।
दर्ज हैं आठ प्रकरण
त्यागी व्यापमं के आठ मामलों में आरोपी है। त्यागी ने पीएमटी, पुलिस कांस्टेबल और वनरक्षक परीक्षाओं में चीटिंग करने वाले 37 कैंडिडेट के लिए मिडिलमेन की भूमिका निभाई थी। व्यापमं घोटाले में जमानत पर छूटने के बाद वह फरार हो गया। जुलाई 2017 में हुई जेल प्रहरी की परीक्षा के दौरान वह फिर धरा गया।