बच्ची वहां से जैसे-तैसे घर पहुंची और माता-पिता एवं दादा को घटना की जानकारी दी
जबलपुर । बच्चियों से दुष्कर्म करने वाले आरोपियों के प्रति अब कोर्ट भी सख्त हो चुका है। दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को कोर्ट सीमित समय में सुनवाई पूरी करके आजीवन कारावास जैसी सजा सुना रहा है। जिले में पिछले एक साल में बच्चियों एवं किशोरियों से दुराचार की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। दुष्कर्म करने वालों में सगे संबंधी या परिचित ही निकल रहे हैं। इसने प्रबुद्ध वर्ग की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस प्रशासन इस प्रकार की घटनाओं को रोक नहीं पा रही है। ताजा मामले में छह साल की मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले बुजुर्ग को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जबरदस्ती घर के बाड़े में ले गया
छह साल की मासूम बालिका से दुष्कर्म के आरोप में कोर्ट ने 65 वर्षीय वृद्ध को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीपीओ राकेश रोशन के अनुसार आरोपी कीरत एक छोटी बालिका और उसके भाई को रुई की बत्ती बनवाने के बहाने अपने घर लेकर गया। बालिका के मना करने पर भी वह हाथ पकड़कर उसे जबरदस्ती घर के बाड़े में बनी गाय की सार में ले गया, जहां उसके साथ पैशाचिक कृत्य किया। बच्ची वहां से जैसे-तैसे घर पहुंची और माता-पिता एवं दादा को घटना की जानकारी दी। बाद में बालिका के पिता ने ठेमी थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई। विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य पर द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश किरण सिंह की अदालत ने आरोपी पर दोष सिद्ध ठहराया। प्रकरण शासन की जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी में चिन्हित किया गया था। प्रकरण में पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार भटेले ने की।
एक वर्ष का कारावास
एक अन्य प्रकरण में न्यायिक मजिस्टे्रट रुचि गोलस ने महिला से छेडख़ानी के आरोपी सुरेन्द्र को एक वर्ष के कारावास से दण्डित किया है। अभियोजन के अनुसार आरोपी सुरेंद्र एक महिला को दो साल से परेशान कर रहा था। खेत जाते समय उसका पीछा करता था। 10 दिसंबर 2017 को भी आरोपी ने महिला का रास्ता रोका और छेडख़ानी करने लगा। इसी दौरान महिला का पति वहां पहुंच गया, जिसे देख अरोपी भाग निकला। बाद में महिला ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट ने आरोपी पर दोषसिद्ध पात हुए एक साल के कारावास से दंडित किया। प्रकरण की पैरवी संगीता दुबे सहायक जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।