एक जानकारी के अनुसार हर साल होली के रंगों से हजारों लोग स्किन कैंसर की बीमारी से घिर जाते हैं
जबलपुर। साल २018 की होली 2 मार्च को धूमधाम से मनाई जाएगी। होली के इस त्यौहार के लिए बाजार में तरह-तरह के रंग बाजार में बिकने आ गए हैं। जबलपुर में बच्चों से लेकर बड़ों तक बाजार में इन रंगों की खरीदारी कर रहे हैं। लेकिन होली के रंग आपके चेहरे का रंग बिगाड़ सकते हैं। क्योंकि बाजार में मिलने वाले रंगों में कैमिकल्स के साथ कांच के पाउडर और एसिड मिले होते हैं। वहीं कुछ रंगों से स्किन कैंसर जैसी घातक बीमारी भी हो जाती है। एक जानकारी के अनुसार हर साल होली के रंगों से हजारों लोग स्किन कैंसर की बीमारी से घिर जाते हैं। अगर आप किसी भी होने वाले नुकसान से बचना चाहते हैं तो इस बार रंग खरीदते समय इन बातों का जरूर ध्यान रखें, ताकि आपके और अपनों के चेहरे का रंग कुदरती बना रहे। आइए डॉक्टर प्रभात श्रीवास्तव से जानते हैं, रंगों के साइड इफेक्ट और खामियां-
- हरे रंग में कॉपर सल्फेट होता है जिससे आंखों में एलर्जी, सूजन अंधापन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं
- सिल्वर चमकीले रंग का इस्तेमाल बिलकुल ना करें। दरअसल इस रंग में एल्युमीनियम ब्रोमाइड होता है जिससे त्वचा के कैंसर का खतरा हो सकता है।
- काले रंग से गुर्दो को नुकसान पहुंचता है।
- लाल रंग में मरक्यूरिक ऑक्साइड होता है इससे त्वचा का कैंसर होने खतरा रहता है।
- बैंगनी रंग में कोमियन आथोडाइड होता है इससे स्किन की एलर्जी और अस्थमा होने का खतरा रहता है।
- पीले रंग में ओरमिन होता है, जो स्किन एलर्जी करता है।
- चमकीले रंगों में सीसा होता है इससे स्किन डैमेज होती है।
होली खेलतें वक़्त बरतें ये सावधानियां
- होली खेलने से पहले चेहरे, हाथों, बालों, पैरों पर सरसों का तेल, नारियल या लोशन को शरीर पर लगाए, जो केमिकल रंगों से बचाता है, और होली के बाद रंग उतरने में आसानी होती है।
- यदि आंखों में कलर चला जाए तो उसे पानी से धो देना चाहिए और उसमें गुलाब जल डाल दें, आंखों को रंगड़े मत।
- त्वचा से रंग उतारने से पहले आधा घंटा मुल्तानी मिट्टी लगानी चाहिए। त्वचा से गहरे रंग उतारने के लिए 1 कप दही में दो चम्मच नींबू पानी डालकर लगाएं।
- शरीर पर रंग उतारने के लिए पेट्रोल, मिट्टी का तेल और स्प्रिट इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, ये त्वचा तो ड्राई कर देता है।