
जबलपुर. हेपेटाइटिस एक ऐसा खतरनाक रोग है, जिसे नजरअंदाज करना लिवर के लिए भारी पड़ सकता है। भूख न लगना, हल्का बुखार आना या आंखों में पीलापन इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। वहीं बारिश के दिनों में इस रोग से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में बारिश के मौसम में प्रतिदिन औसतन 100 से 120 नए मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए आ रहे हैं। हेपेटाइटिस पांच प्रकार हेपेटाइटिस ए, ई, बी, सी और डी होते हैं। बच्चों और युवाओं में ज्यादातर हेपेटाइटिस ए और ई के सिमटम्स देखने को मिलते हैं, जो कि दूषित पानी की वजह से होते हैं। ये वायरस एक्यूट होते हैं, जो कि एक से दो महीने में ठीक हो जाते हैं, वहीं हेपेटाइटिस बी और सी के वायरस क्रॉनिक होते हैं। यह बहुत लम्बे समय तक चलते हैं। बी और सी वायरस इंफेक्टेड ब्लड के कारण होते हैं। इन्हें पकड़ पाना मुश्किल होता है। इस हेपेटाइटिस डे के मौके पर आइए जानते हैं कि किस तरह से सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
ये हैं सामान्य लक्षण
लिवर में संक्रमण का सामान्य लक्षण बार-बार उल्टी होना और भूख नहीं लगना है। इस तरह की शिकायत को इग्नोर करने पर कई बार मरीज कोमा में चला जाता है और लिवर सिकुड़ जाता है। कई केस में लिवर अचानक काम करना भी बंद कर देता है। उल्टी होने व भूख नहीं लगने, कमजोरी होने पर तत्काल डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
इस रोग के 5 वायरस हैं लिवर के दुश्मन
हेपेटाइटिस लिवर से जुड़ा रोग है जो वायरल इंफेक्शन से होता है। इस अवस्था में लिवर में सूजन व जलन की समस्या होती है। इसके लिए पांच तरह के वायरस जिम्मेदार होते हैं। इसमें ए, बी, सी, डी और ई के हेपेटाइटिस वायरस जिम्मेदार होते हैं। इनमें टाइप बी व सी घातक रूप लेकर लिवर सिरोसिस और कैंसर को जन्म देते हैं।
जंक फूड बिगाड़ रहा लिवर की सेहत
डॉक्टर्स के अनुसार अत्याधिक तेलए मसाले युक्त खाना, प्रदूषित पानी का सेवन, जंक फूड का सेवन के कारण फैटी लिवर की समस्या कॉमन हो गई है। हेपेटाइटिस में लिवर संक्रमित हो रहा है। इसे पीलिया भी कहते हैं। इस रोग में लिवर में सूजन आती है। कई मामलों में लिवर काम करना बंद कर देता है तो शरीर में कई प्रकार की परेशानियां शुरू हो जाती हैं। इलाज में चूक हुई तो ये बीमारी गम्भीर रूप ले लेती है।