
जबलपुर। शहर में सोमवार की शाम को न तो तेज अंधड़ चली और न ही हवा। लेकिन एक बूढ़ा दरख्त अचानक ऐसे धराशायी हुआ कि ग्वारीघाट में झंडा चौक के आसपास कुछ देर के लिए तूफान आने जैसे स्थिति बन गइ। सड़क किनारे लगे इस बेहद पुराने पेड़ की चपेट में वहां से गुजर रहे कइ राहगीर आ गए। अचानक हुए इस हादसे में भगदड़ की स्थिति बन गइ। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक घायलों के दर्द से कराहने की आवाजें आने लगी। जिन्हें तत्काल स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। जहां, उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो गइ। वहीं, चार घायलों का निजी अस्पताल में उपचार जारी है।
शाम 6.30 बजे हादसा
ग्वारीघाट पुलिस के अनुसार झंडा चौक के पास मेन रोड में एक काफी पुराना पेड़ था। ये सूख चुका था। सोमवार का ेशाम करीब 6.30 बजे यह पेड़ अचानक गिर गया। जिससे सड़क से गुजर रहे पांच लोग पेड़ की मोटे तने की चपेट में आ गए। घायलों में 3 पुरुष और 2 महिलाएं है। जिन्हें उपचार के लिए तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक घायल की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गइ।
कइ वाहन क्षतिग्रस्त
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक हुइ दुर्घटना में लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसा बेहद व्यस्त स्थान पर हुआ। जिसके चलते सड़क से गुजर रहा एक ऑटो सहित बाइक और साइकिल पेड़ की चपेट में आ गए। पेड़ के मोटे तनों के सीधे गिरने से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। ऑटो पिचक गया। जबकि एक बाइक और साइकिल मोटे तनों के बीच फंस गइ। जिन्हें तनों का काटने के बाद निकाला जा सका।
ये है मृतक और घायल
पुलिस के अनुसार मंजू सेन विश्वनाथ सेन 45 पुरानी बस्ती, ग्वारीघाट हादसे के वक्त पैदल जा रही थी। पेड़ आकर उसके ऊपर गिर गया। जिससे उसकी मौत हो गइ। वहीं, पेड़ के किनारे खड़े राजू चौधरी 26 छिवला, ग्वारीघाट और सोनू चौधरी 20 बरेला निवासी घायल हो गए। बाइक से जा रहा नगर निगम का सुपरवाइजर हल्लू उर्फ रामस्वरूप रजक का पैर फ्रै क्चर हो गया। हादसे में रूपा सेन, द्वारकानगर, कांचघर और करम सेन 13 भी घायल है। जिन्हें एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।