
जबलपुर। भारतीय रेल के एक स्टेशन और एक ट्रेन में शुक्रवार को बेहद चौंकाने वाला वाक्या हुआ। ट्रेन से सफर के लिए निकले यात्री कइ बार आपाधापी में स्टेशन और कोच में अपना बैग भूलवश छोड़कर उतर जाते है। लेकिन ये वाक्या इसलिए खास है क्योंकि इसमें यात्री कीमती सामान से भरे बैग भूल गए। और जब ये बैग रेल पुलिस कर्मियों के हाथ में आए तो उन्होंने न केवल सोने-चांदी के जेवरात से पटे पड़े इन बैग्स की सुरक्षा की। बल्कि उनके मालिकों की पतसाजी करके उसे उन्हें सौंप दिया। स्टेशन और ट्रेन में बैग भूलने वाले यात्रियों को जब वह दोबारा मिला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वे आरपीएफ कर्मियों को बार-बार धन्यवाद कहते नहीं थके।
ट्रेन से उतरकर चला गया घर
आरपीएफ पोस्ट इंचार्ज वीरेन्द्र कुमार के अनुसार जबलपुर मुख्य स्टेशन पर सुबह प्लेटफॉर्म 1 की ओर स्टेशन बिल्डिंग के बाहर एक लाल रंग का ट्रॉलीबैग लावारिस पाया गया। आटो चालकों की सूचना पर ट्रॉलीबैग को कब्जे में लेकर उसे खोला गया। उसमें मिले नंबर पर संपर्क किए जाने के बाद पता चला कि बैग कचनार सिटी विजय नगर निवासी आशीष तिवारी का है, जो श्रीधाम एक्सप्रेस के एसी कोच में यात्रा कर ग्वालियर से जबलपुर पहुंचा था। बाहर वाहन में सवार होने के दौरान ट्रॉलीबैग वहीं भूल गया। ट्रॉली बैग में सोने का तीन तोला वजनी कड़ा, मोबाइल आदि सामान था।
बैग छोड़कर ट्रेन से उतर गइ
आरपीएफ को मिली सूचना पर शुक्रवार को मदनमहल स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन से एक लावारिस बैग उतारा। बैग में आधा किलो वजनी चांदी की करधन, दो सोने के टॉप्स, झुमकी आदि सामान था। दरअसल, यह बैग महिला यात्री का था। वह सुबह श्रीधाम स्टेशन पर ट्रेन में सवार हुई, लेकिन उसके परिजन सवार नहीं हो पाए और टे्रन चल दी। इसके बाद वह भी ट्रेन से उतर गई, लेकिन बैग ट्रेन में ही रह गया। आरपीएफ की सूचना पर इंटरसिटी से जबलपुर आई महिला को बैग लौटा दिया गया।
इनका बैग अभी ढूंढ रही पुलिस
पुरी-हबीबगंज स्पेशल टे्रन से जबलपुर आ रहे वृंदावन निवासी पंडित अशोक कृष्ण शास्त्री भी अपना बैग टे्रन में भूल गए। आरपीएफ उनके बैग की पतासाजी कर रही है।