jabalpur acid attack case: एमपी के जबलपुर में बीबीए छात्रा को तेजाब फेंककर झुलसाने वाले कांड की आरोपी इशिता ने अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस पूछताछ में इशिता ने श्रद्धा पर हमला करवाने के लिए जो कारण बताया उसे सुन पुलिस के भी होश उड़ गए। (mp news)
mp news: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित गौरीघाट की अवधपुरी कॉलोनी में दिल दहला देने वाले 'तेजाब कांड'(jabalpur acid attack case) की वजह बेइंतहा नफरत बनी। मामले की मुख्य आरोपी इशिता साहू और बीबीए की छात्रा श्रद्धा दास कहने को बचपन की सहेली थी। लेकिन, इशिता धीरे-धीरे श्रद्धा से नफरत करने लगी। क्योंकि, उसे लगता था कि
श्रद्धा ज्यादा खूबसूरत है। वह पढ़ाई में ज्याद तेज है। उसके फ्रेंड ज्यादा हैं। पुलिस को दिए बयान में इशिता ने फिलहाल यही बताया है कि वह श्रद्धा का चेहरा अपने हिसाब से बदसूरत करना चाहती थी। मामले में गौरीघाट पुलिस ने इशिता के साथ उसके सहपाठी अंश गुप्ता को आरोपी बनाया दोनों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
इशिता का रंग सांवला है। श्रद्धा खूबसूरत है। इस थ्योरी के साथ एक कहानी यह भी जुड़ती है कि इशिता का एक वीडियो वायरल हो गया था। उसे लगता था कि यह श्रद्धा की वजह से हुआ। इसलिए इशिता ने श्रद्धा पर अटैक की साजिश रची। सात दिन की तैयारी के बाद उसने आधा लीटर सल्फ्यूरिक एसिड खरीदा इसमें से 200 मिली एसिड रविवार रात श्रद्धा पर फेंका था।
इंजीनियरिंग छात्रा इशिता ने सात दिन सर्च किया कि चेहरे पर कैसे वार किया जाए? वहां से उसे तेजाब का आइडिया मिला। कॉलेज का फर्जी लेटर लेकर दुकान पर पहुंची। लेकिन, संचालक ने एसिड देने से इनकार कर दिया। लेकिन, वह लगातार संचालक से वॉट्सऐप पर बातचीत करती रही।
इशिता ने कॉलेज में पढ़ने वाले दोस्त अंश शमी को साजिश में शामिल किया। अंश ने उसके कहने पर दुकान संचालक से कॉलेज का प्रोफेसर पंकज गुप्ता बनकर बात की। इसके बाद संचालक ने स्वयं फोन लगाया, तो अंश ने कहा कि उसे प्रोजेक्ट के लिए सल्फ्यूरिक एसिड की आवश्यकता है, तब संचालक ने उसे 500 मिली एसिड दिया। सोमवार को उसने वारदात को अंजाम दिया। जांच में यह बात भी समाने आई कि इशिता काफी एग्रेसिव स्वभाव की है। कई बार उसकी मां और पिता ने भी थाने में शिकायत की थी इशिता ने भी उनकी शिकायत की थी।