Jabalpur Cruise Tragedy: क्रूज के पायलट महेश पटेल ने कहा- 'ये गलत है कि मैं क्रूज से कूदकर भाग गया था, मैंने कई लोगों को बचाया, मैं बह गया था।'
Jabalpur Cruise Tragedy: मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए भयावह क्रूज हादसे को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। क्रूज के पायलट महेश पटेल ने उच्च स्तरीय जांच के दौरान अपने बयान दर्ज कराते हुए खुलासा किया है कि क्रूज के एक इंजन में खराबी थी। महेश पटेल के मुताबिक क्रूज के इंजन की खराबी के बारे में उन्होंने करीब 7 महीने पहले ही मैनेजर को बता दिया था लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इतना ही नहीं मुख्यालय को भी पत्र लिखकर इसकी सूचना दी थी।
बरगी डैम हादसे की उच्च स्तरीय जांच के तहत बयान दर्ज कराने पहुंचे क्रूज के पायलट महेश पटेल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वो हादसे के वक्त पर्यटकों को छोड़कर पानी में नहीं कूदे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी को लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहा था और जब क्रूज डूबने लगा उसी दौरान तेज लहर आई और वो लहर के साथ बह गए। महेश पटेल ने कहा कि उन्होंने कई लोगों की जान भी बचाई।
क्रूज में किसी तरह की तकनीकी खामी होने के सवाल पर महेश पटेल ने कहा कि क्रूज के एक इंजन में तकनीकी खराबी थी और वो धीमी गति से काम कर रहा था जिसकी जानकारी उन्होंने अधिकारियों को करीब 7 महीने पहले ही दे दी थी। महेश पटेल ने बताया कि इंजन स्टार्ट तो हो जाता था और गियर भी लगते थे, लेकिन पिकअप कम था और स्पीड 12 से ऊपर नहीं जा रही थी। इसी वजह से उस इंजन का उपयोग नहीं किया जाता था और अधिकतर संचालन एक ही इंजन से किया जाता था। शुक्रवार को एसडीएम की ओर से एमपीटी कर्मचारियों के अलावा हादसे के दौरान पर्यटकों को बचाने वाले बचाव दल और जल निगम के कार्य में लगे श्रमिकों के बयान भी दर्ज किए गए।
बता दें कि 30 अप्रैल को शाम को बरगी डैम में आंधी-तूफान के बीच क्रूज डूबने की भयावह घटना हुई थी। इस घटना में 13 लोगों की मौत हुई है जिनमें 4 बच्चे और 8 महिलाएं व एक पुरुष शामिल हैं। इधर जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में शुक्रवार को एक और याचिका दायर की गई है। जबलपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी की ओर से दायर की गई इस याचिका में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को पक्षकार बनाते हुए एसआईटी जांच की मांग की गई है।