Jabalpur Cruise Tragedy : क्रूज हादसे में डूबते लोगों को बचानें पास ही केंद्र सरकार के 'जल जीवन मिशन' के तहत काम कर रहे मजदूरों ने बरगी बांध में छलांग लगाकर एक दर्जन से अधिक लोगों की जान बचाई। सीएम मोहन ने सभी बचाव कर्मियों को 51 हजार रुपए इनाम देने का एलान किया।
Jabalpur Cruise Tragedy : मध्य प्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम को हुए भयावह हादसे के बाद क्रूज़ के साथ डूबे पर्यटकों के बेजान शवों को बाहर निकाले जाने के दिल दहला देने वाले दृश्यों के बीच, कुछ ऐसे गुमनाम हीरो भी सामने आए, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी के उफनते पानी में छलांग लगाकर एक दर्जन से ज़्यादा लोगों की जान बचाई। फिलहाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हर बचावकर्मी के लिए 51,000 रुपए के इनाम स्वरूप प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है।
आपको बता दें कि, जैसे ही बांध का पानी बोट को अपनी चपेट में लेने लगा ठीक उसी समय स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पास में ही केंद्र सरकार के 'जल जीवन मिशन' के तहत एक प्रोजेक्ट में काम कर रहे करीब 35 मजदूरों ने बांध में छलांग लगा दी। उन्होंने अपने औजार छोड़े और पेशेवर बचाव दल के पहुंचने से पहले ही अपनी जान की परवाह किए बिना अंजान लोगों जान बचाने नदी के गहरे पानी में छलांग लगा दी। जरा सोचिए कि, अगर ये लोग खुद की जान की परवाह किए बिना डूबते लोगों को न बचाते तो हादसा और कितना भयावह हो सकता था?
सिर्फ रस्सियों के सहारे इन मजदूरों ने मौके पर ही एक बचाव दल बनाया और उफनते पानी में छलांग लगा दी। बचाव के शुरुआती कुछ बेहद अहम मिनटों में ही उन्होंने एक दर्जन यात्रियों को नदीं के उफनते पानी से बाहर निकालने में सफलता हासिल कर ली।
जैसे ही नाव पलटी मजदूर एक के बाद एक पानी में कूदते गए और उन्होंने मिलकर एक 'मानव श्रृंखला' (ह्यूमन चेन) बना ली। बिना किसी सुरक्षा उपकरण या औपचारिक प्रशिक्षण के उन्होंने अपनी सहज बुद्धि पर भरोसा करते हुए रस्सियों के साथ साथ अपने खाली हाथों से ही लोगों को पानी से बाहर निकाल लिया।
सीएम मोहन यादव ने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा- जबलपुर में बरगी जलाशय में हुए दुखद क्रूज हादसे में लापरवाही के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं। होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है, जबकि रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच संस्थित की गई है। इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने साफ-साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शासन हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।