अच्छी पहल : पुरानी किताबों की तैयार की लायब्रेरी, छात्र के पुराने वर्ष की किताब लेकर उसे दी जाती है नए वर्ष के लिए किताबें
जबलपुर । यदि आपके घर में बच्चा अगली क्लास में जा रहा है तो उसकी पुरानी किताबे रद्दी में न दें। ये किताबें किसी जरूरतमंद छात्र के काम आ सकती है। एेसी किताबों का संग्रहण और उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए छात्रों का गु्रप कार्य कर रहा है, जो इन फटी-पुरानी किताबों को रिपेयर करता है और उन्हें उन बच्चों तक पहुंच रहा है, जिनकी इसे जरूरत है। इन छात्रों के साथ शहर में अन्य एक गु्रप भी है, जो बच्चों को पास किए वर्ष की किताबें लेकर उन्हें नई क्लास के लिए पुस्तकें भी दे रहा है। पुरानी किताबों पर तैयार की जाने वाली लायब्रेरी पर एक्सपोज की रिपोर्ट...।
तंग बस्तियों और स्कूलों में पढऩे वाले जरूरतमंद बच्चों को पुराने किताबें पहुंचाई जा रही है ताकि वे शिक्षित हो सके और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके। इसके लिए 'शिक्षा एक उज्जवल भविष्य की ओर' और 'हेल्पिंग हैंडस' संस्था नि:शुल्क पुरानी किताबें एकत्र कर रही हैं और उसे गरीब बच्चों तक पहुंचा रही हैं। संस्थाओं का दावा है कि अभी अप्रेल तक करीब 200 बच्चों को ये पुस्तके पहुंचाई गई है। इनका लक्ष्य करीब 500 पुस्तकों का है।
पढ़ाई के साथ सामग्री
शिक्षा एक उज्जवल भविष्य की ओर का उद्देश्य बच्चों को शिक्षित करने के साथ कौशल विकास है। इसके लिए तंग बस्तियों में एेसे बच्चों को तालीम दी जा रही है, जो बच्चे स्कूल नहीं जाते थे या फिर आर्थिक अभाव में वे स्कूल जाने से वंचित थे। संस्था का कहना है कि रोजाना इन्हें पढ़ाई कराई जाती है। इसके साथ जरूरत पढऩे पर अन्य संस्थाओं की मदद से वे सामग्री मुहैया करवाते हैं। प्रारंभिक चरण में हम कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
जरूरतमंद छात्रों की मदद
हेल्पिंग हैंडस का लक्ष्य भी बच्चों को शिक्षित करने में मदद करना है। इसके लिए ये सभी मिलकर पुरानी किताबें एकत्र करते हैं। नई कक्षा में जाने वाले विद्यार्थियों को वे सभी पुस्तकें पहुंचते हैं, जिसकी उन्हें जरूरत है। इसके साथ बच्चों को पुस्तकों के साथ दो मोटे रजिस्टर भी देते हैं। संस्था का कहना है कि इनके पास कई निजी स्कूलों से भी बच्चे के संबंध में जानकारी मिलती है, जिस पर वे कक्षा छटवीं से लेकर नौंवी तक पुस्तकों की मदद करते हैं।
बुक का सेट: संस्था के सदस्य पुरानी बुक की रिपेयरिंग और उसकी स्कूटनी करके कक्षा का सेट तैयार करते हैं। इसमें सदस्यों के परिवार की महिलाएं इस कार्य में मदद करती हैं। जरूरत पडऩे पर सेट में नई किताबें भी दी जाती हैं।
हम सभी छात्र बच्चों को पढ़ाने के साथ पुरानी पुस्तकों का भी इंतजाम करते हैं। जरूरत पडऩे पर हेल्पिंग हैंडस से भी मदद लेते हैं।
पायल रॉय, शिक्षा एक उज्जवल भविष्य की ओर
हमारा मिशन बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य है। इसमें जरूरतमंद बच्चों की शैक्षणिक मदद की जाती है। विभिन्न संस्थाएं हमसे नि:शुल्क पुरानी पुस्तकें बच्चों को देने ले जाते हैं।
देवेन्द्र अरोरा, सचिव, हेल्पिंग हैंडस