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नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में 100% महिला आरक्षण का मामला, सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस

MP Nursing Officer Recruitment : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नर्सिंग ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया में 100 प्रतिशत महिला आरक्षण को चुनती देने वाले 10 पुरुष याचिकाकर्ताओं को राहत दी है। कोर्ट ने सरकार सहित ईएसबी को नोटिस जारी कर जबाब मांगा है।

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MP Nursing Officer Recruitment 100 Percent Women Reservation High Court Issues Notice to Government MP news

High Court Issues Notice to Government Nursing Officer Recruitment Women Reservation Case (Patrika.com)

100% Women Reservation: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बुधवार को नर्सिंग ऑफिसर भर्ती (Nursing Officer Recruitment) प्रक्रिया में 100 प्रतिशत महिला आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर होने वाली भर्ती में 10 पुरुष याचिकाकर्ताओं को आवेदन करने तथा भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई अब चार सप्ताह बाद होगी। (MP news)

सरकार और एमपीईएसबी को भेजा नोटिस

जस्टिस विशाल धगट की सिंगल बेंच ने कहा कि इन याचिकाकर्ताओं के परिणाम याचिका में पारित अंतिम निर्णय के अधीन होंगे। कोर्ट ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) को नोटिस जारी कर जबाब मांगा है। जबलपुर निवासी संतोष कुमार लोधी सहित अन्य ने 800 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए जारी विज्ञापन व भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है।

याचिकाकर्ताओं ने रखा अपना पक्ष

बुधवार को सुनवाई कर याचिकाकर्ताओं की ओर अधिवक्ता विशाल बघेल ने कोर्ट को बताया कि कर्मचारी चयन मंडल के विज्ञापन (नर्सिंग ऑफिसर एवं सिस्टर ट्यूटर भर्ती परीक्षा-2026) में नर्सिंग ऑफिसर के पदों को 100% केवल महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।। इससे योग्य पुरुष अभ्यर्थी आवेदन करने से पूरी तरह वंचित हो गए हैं । तर्क दिया गया कि मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2023' के तहत नर्सिंग ऑफिसर के पद के लिए कोई लिंग-आधारित प्रतिबंध नहीं है । मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के भर्ती विज्ञापन में किया गया यह प्रावधान वैधानिक नियमों के विपरीत है।

संविधान के खिलाफ है ये- याचिकाकर्ताओं के वकील की दलील

पुरुष और महिला दोनों एक ही पाठ्यक्रम (बीएससी नर्सिंग या जीएनएम )पढ़ते हैं और उनके पास समान योग्यता व पंजीकरण होता है । केवल लिंग के आधार पर सार्वजनिक रोजगार से पूर्णतः बाहर करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन है। मांग की गई है कि विज्ञापन के उस हिस्से को निरस्त किया जाए जो 100% पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित करता है।

दो अप्रैल को जारी हुआ था विज्ञापन

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) की तरफ से नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर भर्ती परीक्षा-2026 का विज्ञापन 2 अप्रैल को जारी किया गया था। इसके बाद 6 अप्रैल से ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू हुआ। इससे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के पद 100% महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिए गए थे। इसी को लेकर बाद में विवाद खड़ा हो गया था। नियम को चुनौती देते हुए मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने अब पुरुष उम्मीदवारों को भी अप्लाई करने की अनुमति दे दी है। (MP news)