
New tourist spot : नए साल पर आमजन और पर्यटकों को हरियाली का लुत्फ उठाने के लिए नया स्थल मिलेगा। वन विभाग ने सिटी फॉरेस्ट का विकास किया है। ठाकुरताल के समीप 12 किलोमीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य किए गए हैं। इस स्थल की प्राकृतिक खूबसूरती और विविध पेड़-पौधों की प्रजाति के साथ ही वन्य प्राणियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी है। इसे अगले माह तक आम जन के लिए खोला जाएगा। इससे आमजन और पर्यटक प्रकृति के प्रति अपनी समझ और जुड़ाव भी बढ़ा सकेंगे। वन विभाग के अनुसार प्रदेश के किसी भी शहर के अंदर इतना बड़ा वन क्षेत्र नहीं है। यह इस तरह का प्रदेश का पहला वन उद्यान होगा।
पर्यटकों के भ्रमण के लिए कच्ची सडक़ों का निर्माण 8 किमी क्षेत्र में पूरा कर लिया गया है। यह सडक़ पर्यटकों को जंगल के विभिन्न हिस्सों में आसानी से पहुंचने की सुविधा प्रदान करेगी साथ ही जंगल के अंदर जलाशयों जीव जंतुओं, पक्षियों को देखकर पयर्टकों को अदभुत अनुभव कराएगी। पयर्टक इस पूरे स्थल की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद भी ले सकेंगे। यहां अंडर पास, सुरक्षा चौकी, फेंसिंग, पगोडा आदि तैयार कर लिया गया है। वॉच टॉवर का काम एक माह में पूरा करा लिया जाएगा।
वन विभाग द्वारा स्थल के अंदर दो तालाब तैयार कराए गए हैं। ये तालाब वन्यजीवों के लिए जल स्रोत के रूप में कार्य करेंगे और वन्य जीवन के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जानकारी के अनुसार यहां छोटे-छोटे पोखर पहले से मौजूद हैं लेकिन यह गर्मी में सूख जाते हैं। नवनर्मित तालाबों में जलभराव होने से वन्य जीवों की प्यास भी बुझेगी साथ ही लोग भी देख सकेंगे। वन परिक्षेत्र अधिकारी अपूर्व प्रखर शर्मा के निर्देशन में इस प्रोजेक्ट पर लंबे समय से काम किया जा रहा है जो अब लगभग पूरा हो गया है।
ठाकुरताल की पहाडिय़ों से लगे करीब 10 से 12 किलोमीटर के हिस्से को वन विभाग ने टाइगर सफारी के अंदाज में तैयार किया है। 2 करोड़ से अधिक की राशि इसमें खर्च की गई है। सिटी फॉरेस्ट में घूमने के लिए एंट्री फीस तय की जाएगी जिससे इसका रखरखाव करने मे मदद मिलगी।
February 2025 : शहर के अंदर सिटी फॉरेस्ट जैसी सुविधा प्रदेश में कहीं नहीं है। इसके विकास का काम पूरा कर लिया गया है। कुछ काम शेष है। फरवरी में इसे पयर्टकों के लिए खोले जाने के लिए प्लानिंग की जा रही है।