
जबलपुर। तीन पत्ती पुराना बस स्टैंड िस्थत रैन बसेरा का खतरनाक हो चुका जर्जर तोड़ा जाएगा। रैन बसेरा का संचालन यहां सालभर पहले बंद हो चुका है। बस स्टैंड की खाली हुई तीन एकड़ जमीन पर गोल्ड क्लस्टर आकार लेगा। वर्ष 2015 में अंतरराज्जीय बस टर्मिनस दीन दयाल चौक के समीप बनकर तैयार होने के बाद से बसों का संचालन वहीं से शुरू हो गया, तभी से पुराने बस स्टैंड की जमीन खाली है। ऐसे में नगर के सराफा कारोबारियों ने उक्त जमीन पर गोल्ड क्लस्टर की मांग रखी थी, जिसे एमआईसी की मंजूरी मिलने के बाद अब इस संबंध में फाइनल निर्णय नगर निगम सदन को लेना है। प्रोजेक्ट को सदन की मंजूरी मिल जाती है तो शहर के बीचों बीच गोल्ड क्लस्टर आकार लेगा।
सराफा का तंग मार्ग-
नगर का कमानिया िस्थत परंपरागत सराफा बाजार तंग गलियों में है, आभूषणों के लिए ये महाकौशल का सबसे बड़ा बाजार है। जहां नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, कटनी, सतना, रीवा, मंडला, डिंडौरी समेत कई और जिलों से लोग सोना-चांदी के आभूषणों की खरीदी के लिए आते हैं। सराफा कारोबारी लंबे समय से प्रशासन से मांग करते रहे हैं उन्हें नगर में कहीं और जमीन उपलब्ध कराई जाए जहां आधुनिक स्वरूप में व्यविस्थत सराफा कारोबार आकार ले सके।
बना हुआ है खस्ताहाल मेट्रो बसों का गैराज-
खाली हुआ पुराना बस स्टैंड फिलहाल पुरानी खस्ताहाल हो चुकी मेट्रो बसों का गैराज बना हुआ है। बड़ी संख्या में पुरानी बस यहां खड़ी हैं। पहले इस स्थान से पुरानी मेट्रो बसों का कुछ समय तक संचालन हो चुका है।
50 प्रतिशत दुकान जर्जर-
बस स्टैंड मार्केट में चारों ओर निगम के स्वामित्व की सौ से ज्यादा दुकान हैं जो किराये पर संचालित हैं। निगम के अधिकारियों के अनुसार इनमें से 50 प्रतिशत दुकान जर्जर हो चुकी हैं। इन दुकानों का सिविल स्ट्रक्चर काफी पुराना होने के साथ ही खतरनाक हो गया है।
वर्जन-
बस स्टैंड की खाली जमीन पर गोल्ड क्लस्टर का निर्माण हो सके इसके लिए एमआईसी प्रस्ताव को स्वीकृति दे चुकी है, प्रोजेक्ट की डीपीआर जल्दी ही तैयार कराई जाएगी। जिससे की सराफा कारोबारियों को शहर में व्यविस्थत आधुनिकतम बाजार मिल सके।
जगत बहादुर सिंह अन्नू, महापौर