
प्रभाकरमिश्रा@जबलपुर. टंकी बनकर तैयार है पर उसे राइजिंग लाइन से जोड़ा नहीं गया। कहीं पानी की टंकी क्षमता के मुकाबले कम भरी जा रही है। कुछ इलाकों में अभी तक लोगों को नल कनेक्शन नहीं मिले। नतीजतन लगभग पैंतीस हजार लोगों को अभी भी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
अमृत योजना के तहत नगर निगम ने रमनगरा जल शोधन संयंत्र से जलापूर्ति के लिए नया जलापूति नेटवर्क तैयार कराने पर 149 करोड़ रुपए खर्च किए। लेकिन पानी की टंकियों के बनकर तैयार होने के तीन साल बाद तक उनसे जुड़े तीन वार्ड के लगभग पैंतीस हजार लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। लोग पानी के लिए टैंकर और ट्यूबवेल पर निर्भर हैं।
क्षमता से आधी भरी जा रही है टंकी
सुभाषचंद्र बोस वार्ड में पानी की दो टंकी हैं। इसके बावजूद वार्ड के लोगों को 15-20 लीटर पानी ढोकर कई फीट की ऊंचाई पर ले जाना पड़ रहा है। भड़पुरा में वर्ष 2007 में पानी की टंकी बनी थी, जिससे ऊपर तक पानी नहीं पहुंचता है। इसी तरह से मिल्क स्कीम में 2019 में पानी की नई टंकी बनी। वार्ड के पार्षद महेश राजपूत ने बताया कि टंकी की जलभराव क्षमता साढ़े 6 मीटर की है। लेकिन ये टंकी ज्यादातर समय साढ़े 3 से 4 मीटर ही भरी जा रही है। इसके कारण टंकी से वार्ड में पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। निर्भय नगर, संजय नगर में ऊपरी हिस्सा, शोभापुर काली मंदिर क्षेत्र के लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जानकारों का कहना है की अमृत फेस 2 के तहत इनका विस्तार करना होगा।
निर्माण के दो साल बाद भी टंकी खाली
संजय गांधी वार्ड में पानी की टंकी बने दो साल साल हो गए, लेकिन राइजिंग लाइन बिछाने का काम आज भी अधूरा है। इसके कारण टंकी नहीं भर पा रही है। वार्ड के मक्का नगर, न्यू अहमद नगर, आजाद नगर, हुसैन नगर, राजीव नगर, न्यू आनंद नगर के 25 हजार से ज्यादा लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड के पार्षद मो. कलीम खान ने बताया कि इस वार्ड में प्रतिदिन 40 टैंकर पानी लगता है।
खाली टंकी ताकते हैं लोग
रानी दुर्गावती वार्ड के सूपाताल छुई खदान इलाके में दो साल पहले पानी की टंकी बनी तो इलाके के लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें पर्याप्त पानी मिलेगा। वार्ड के पार्षद शेखर सोनी ने बताया कि ज्यादातर समय ये टंकी पूरी क्षमता के अनुसार नहीं भरी जा रही है। इससे लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
इनका कहना है-
छुई खदान सूपाताल, संजय गांधी वार्ड और सुभाषचंद्र बोस वार्ड में जलापूर्ति से संबंधित जो भी समस्या आ रही है उसका रिव्यू करेंगे। टंकी पर्याप्त भरी जाए इसके लिए हर संभव प्रयास करेंगे। जहां पानी पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा है उन्हें अमृत फेस 2 में शामिल कर नए जलापूर्ति नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
कमलेश श्रीवास्तव, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम