
जबलपुर. जिले के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी और शासन के बीच तनातनी साफ नजर आ रही है। इसी तनातनी का नतीजा है कि 10 महीने में अधिकारी का छह बार तबादला किया गया लेकिन हर बार उन्हें कोर्ट से राहत मिली और तबादला निरस्त हो गया।
न्यायमूर्ति नंदिता दुबे की एकलपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता देवरी निवासी जिला कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी चारू जैन की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी व विकास मिश्रा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि महज 10 माह के कार्यकाल में पूर्व में पांच बार स्थानांतरण के जरिए परेशान किया गया। ताजा आदेश के जरिए रहली गढ़ाकोटा भेजा जा रहा है। चूंकि इस तरह बार-बार यहां से वहां करना स्थानांतरण नीति के विपरीत है। एक महिला अधिकारी को बार-बार यहां से वहां भेजने से पारिवारिक जीवन पर भी बुरा असर पड़ रहा है। वर्तमान में कोविड-19 के संक्रमण के दौर में ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।
बचाव पक्ष के तर्क से सहमत होकर कोर्ट ने तबादले पर रोक लगा दी।