जबलपुर

कोरोना के शोर में शहर में तेंदुए ने चौंकाया

शहरी क्षेत्र में दस दिन से नहीं दिख रहा है तेंदुआ  
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Updated: 27 Mar 2020, 8:04 AM IST
leopard
leopard in jabalpur city

जबलपुर, शक्ति भवन रामपुर स्थित ठाकुरताल की पहाडि़यों में लगाए गए ट्रैप कैमरे में दस दिन तेंदुआ नहीं दिखा है। आसपास की कॉलोनी के लोगों ने भी तेंदुआ दिखने की शिकायत नहीं की है और न ही वन कर्मियों को उसके पदचिन्ह प्राप्त हुए हैं। तेंदुए का सुरग लगाने के लिए वन विभाग ने ट्रैप कैमरों का एंगल और लोकेशन बदलने का निर्णय किया है। वहां के वन क्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी नहीं होने की संभावना के बाद ट्रैप कैमरे हटाए जाएंगे।

वन विभाग के अनुसार 15 मार्च की रात 3.55 बजे ट्रैप कैमरे में तेंदुए की फोटो और वीडियो आई थी। उसके बाद तेंदुआ नहीं दिखा। वन विभाग ने पहाडि़यों में सात ट्रैप कैमरे लगाए है। दो माह पहले तक हर दो-तीन दिन तेंदुए की गतिविधियां ट्रैप कैमरे में कैद होती रही है। वन कर्मियों को रात में गश्ती नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। 26 जनवरी की रात में वहां की वन चौकी में खुले में बंधे बकरे को तेंदुआ उठा ले गया था। वन विभाग ने लगातार पिंजरा लगाया लेकिन तेंदुए को पकडऩे की कोशिश असफल रही।

चार माह से दिख रहा था तेंदुआ

नया गांव रामपुर कॉलोनी में सर्दी के मौसम में नवम्बर में लोगों ने तेंदुआ दिखने की शिकायत की थी। लगातार तेंदुए दिखने के बाद वन विभाग ने ट्रैप कैमरे सेट किए। मौसम बदलने के साथ ही तेंदुआ अचानक गायब हो गया है। रेंजर जबलपुर एमएल बरकड़े के अनुसार तेंदुआ दस दिन से दिख नहीं रहा है लेकिन यह नहीं कह सकते हैं कि तेंदुआ वहां है या नहीं। तेंदुए का सुराग लगाने के लिए वन कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं।

ठाकुरताल की पहाडि़यों में 10 दिन से तेंदुए की फोटो नहीं है। ट्रैप कैमरे के लोकेशन बदले जा रहे रहे हैं। 15 दिन में तेंदुआ कहीं दिखेगा तो ट्रैप कैमरे हटाए जाएंगे। हो सकता है कि वह उधर से कहीं चला गया हो।रवींद्र मणि त्रिपाठी, डीएफओ

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