गोविंदगढ़ में बनेगी MP की सबसे लंबी रेलवे टनल,आप भी जाने

सवा तीन किमी लंबी सुरंग निर्माण की बाधा दूर, सुरंग से लगा होगा 750 मीटर लंबा सोन नदी पुल
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Updated: 28 Dec 2016, 10:29 AM IST
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जबलपुर पश्चिम-मध्य रेलवे (पमरे) रीवा-सीधी सेक्शन में गोविंदगढ़ के पास 3.375 किमी लंबी टनल (सुरंग) बनने की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। नागपुर स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एण्ड फ्यूल रिसर्च से मंजूरी मिलने के बाद पश्चिम-मध्य रेलवे ने सुरंग के निर्माण की तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए निविदाएं भी जारी कर दी गई हैं। ललितपुर-सतना-रीवा-सीधी-सिंगरौली ब्रॉडगेज परियोजना पूरी होने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। इस सेक्शन में 650 मीटर लंबी दो सुरंगों के साथ ही 3 अन्य कम लंबाई की सुरंग का निर्माण भी किया जाएगा।

अलाइनमेंट की वजह से अटका था मामला

छुहिया घाटी का सीना चीरकर बनने वाली यह टनल सोन नदी के रेल ब्रिज से जुड़ी होगी। 750 मीटर लंबे इस ब्रिज को पार करते ही टनल शुरू हो जाएगी। इस ब्रिज को पमरे ने अभी से क्रिटिकल ब्रिज के रूप में दर्ज कर लिया है। इसी के चलते टनल का अलाइनमेंट फाइनल नहीं हो रहा था।

अब तक की सबसे लंबी

यह सुरंग पमरे में सबसे लंबी होगी। हालांकि इसी परियोजना के पन्ना-खजुराहो सेक्शन में भी 5 किमी से भी ज्यादा लंबी टनल को लेकर रेलवे हां-ना में उलझा हुआ है। पन्ना नेशनल पार्क के कारण इस टनल को बनाया जाना है, लेकिन अंतिम तौर पर अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है।

इनका कहना है कि

गोविंदगढ़ के पास सवा तीन किमी से भी लंबी टनल का निर्माण किया जाएगा। अब इसे लेकर अंतिम निर्णय ले लिया गया है। यह टनल क्रिटिकल सोन ब्रिज से कनेक्ट होगी।
सुरेन्द्र यादव, सीपीआरओ, जबलपुर जोन
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