-सिविक सेंटर पहुंच कर जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स व महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने एस डी एम को सौंपा ज्ञापन -दवा की दुकानें छोड़ अन्य सारे बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
जबलपुर. GST विसंगतियो और ऑनलाइन व्यापार के दुष्प्रभावों के ख़िलाफ़ व्यापारियों ने शुक्रवार को अपनी दुकानें बंद रखीं। उन्होंने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रैली निकाली और सिविक सेंटर पहुंच कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
बता दें कि कंफिडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (केट) के बैनर तले आज 26 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया गया था। केट के बंद को जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स, महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स समेत सराफ़ा एसोसिएशन ने समर्थन दिया है।
केट के आह्वान पर जबलपुर के प्रायः हर इलाके में बंदी नजर आई। शहर का सराफा बाजार पूरी तरह बंद रहा। हालांकि आंदोलनकारी व्यापारियों ने इस बंदी से दवा की दुकानों को अलग रखने की घोषणा की थी, लिहाजा दवा विक्रेताओं ने जीएसटी विसंगतियों में सुधार का समर्थन तो किया लेकिन जीवन रक्षा और कोरोना के दोबारा बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर दवा दुकानों को खुले रखने का निर्णय किया। हालांकि उन्होने चेतावनी भी दी है कि सरकार यदि विसंगतियों को दूर नहीं करती है तो वो भी आंदोलन को बाध्य होंगे।
इस बीच केट के भारत बंद के मद्देनजर शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। व्यापारियों की रैली भी पुलिस घेरे में ही निकली।