MBBS Students Suspend: मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की मिली सजा, 8 स्टूडेंट्स को दोषी पाया तो किया निलंबित, स्कूल प्रशासन की चेतावनी भी...
MBBS Students Suspend: नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों से रैगिंग के मामले में कॉलेज प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए वर्ष 2023 बैच के आठ एमबीबीएस छात्रों को छह महीने के लिए कक्षाओं से निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रत्येक छात्र पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जबलपुर स्थित इस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सख्त चेतावनी भी दी है। कहा है कि भविष्य में यदि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति हुई तो संबंधित छात्रों को कॉलेज से बर्खास्त कर दिया जाएगा। जांच में रैगिंग की पुष्टि कॉलेज की एंटी-रैगिंग समिति की ओर से की गई जांच में रैगिंग की पुष्टि हुई थी।
इसी आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया। जारी आदेश के अनुसार दोषी छात्रों को छह माह के लिए कक्षाओं के साथ ही हॉस्टल से भी निष्कासित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
एंटी-रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. यूपी दीपांकर ने बताया कि एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ यह कार्रवाई राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की ओर से 18 नवंबर 2021 को प्रकाशित राजपत्र में निर्धारित नियमों के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह बॉयज हॉस्टल क्रमांक-1 में 2024 बैच के कुछ जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग की घटना हुई थी। एक छात्र द्वारा शिकायत किए जाने के बाद जांच की गई। इसमें सामने आया कि वर्ष 2023 बैच के आठ छात्रों ने रैगिंग की थी।
पीड़ित छात्र ने शिकायत में कहा था कि हॉस्टल क्रमांक चार से एमबीबीएस प्रथम वर्ष के बाद जब छात्र अन्य हॉस्टल्स में जाते हैं, तो वहां पहले से रह रहे सीनियर छात्र उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताडि़त करते हैं।
परिसर या हॉस्टल में अनुशासनहीनता और रैगिंग जैसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त कार्रवाई की गई है। जांच में रैगिंग की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई।
-डॉ. नवनीत सक्सेना, डीन, एनएससीबी मेडिकल कॉलेज