
जबलपुर। मप्र सरकार के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जबलपुर जिले के पाटन क्षेत्र से सत्तारूढ़ भाजपा के ही विधायक अजय विश्नोई ने एक ट्वीट महाकोशल की राजनीति में हलचल की है। पार्टी के निर्णय से गुस्साए विश्नोई ने ट्वीट कर कहा कि 'महाकोशल अब उड़ नहीं सकता, फडफड़़ा सकता हैÓ। ग्वालियर, चम्बल, भोपाल, मालवा क्षेत्र का हर दूसरा भाजपा विधायक मंत्री है। सागर, शहडोल सम्भाग का हर तीसरा विधायक मंत्री है। महाकोशल के 13 भाजपा विधायकों में से एक को व रीवा सम्भाग में 18 विधायकों में से एक को राज्यमंत्री बनने का मौका मिला है। महाकोशल व विंध्य को अब खुश रहना होगा। खुशामद करते रहना होगा। उन्होंने समूचे अंचल को सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं देने पर सवाल उठाया। अपनी नाराजगी और पीड़ा भी जताई।
अजय विश्नोई ने इससे पूर्व में भी अपनी नाराजगी जताई थी। विश्नोई के ट्वीट के बाद जहां विपक्ष को एक मुद्दा मिल गया। वहीं सोशल मीडिया में भी राजनीति के अलावा गैर राजनीतिक लोग, सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग, आम नागरिक भी उपेक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। वे विश्नोई के ट्वीट को आधार बनाकर जवाब मांग रहे हैं। उधर विपक्ष भी अब सत्तापक्ष को घेरने में जुटा है। अजय विश्नोई ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में महाकोशल से किसी को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।। इस पर उन्होंने अपनी बात रखी है। वहीं, कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने कहा कि मंत्रिमंडल में किसी कोकिसी को भी जगह नहीं दिए जाने का सीधा मतलब है की सरकार को महाकोशल की कोई चिंता नहीं है। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने विकास के जो काम शुरू किए थे उन पर भी विराम लग गया है।