
जबलपुर। देश ही नहीं बल्कि दुनिया भी भारत की बढ़ती ताकत का लोहा मान चुकी है। पड़ोसी देशों ने इसका उदाहरण भी देख लिया है कि भारत जहां शांति की बात कहता है, वहीं शक्ति प्रदर्शन के मामले में भी किसी से कम नहीं है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हर साल डिफेंस एक्सपो का आयोजन देश में होता है। जहां देश की आयुध निर्माणियां और विदेशी कंपनियां डिफेंस उत्पादों का प्रदर्शन करती हैं। इसी क्रम में जबलपुर का नाम इन दिनों सबकी जुबां पर छाया हुआ है। दरअसल यहां की आयुध निर्माणियों द्वारा बनाए गए रक्षा उत्पाद दुनिया को चौंकाने वाले हैं। इनकी ताकत को देखकर हर कोई अचंभित है।
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चेन्नई में चल रहे डिफेंस एक्सपो में जबलपुर से भेजी गई माउंटेड गन और माइन प्रोटेक्टिड वीकल (एमपीवी) की ताकत जानने के लिए देश एवं विदेश के रक्षा विशेषज्ञों का जमावड़ा लगा हुआ है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी एक्सपो में गए। उन्होंने ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) के पंडाल में देश की आयुध निर्माणियों में बने रक्षा उपकरणों को देखा। इसमें गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में बनी १५५ एमएम ५२ कैलीबर माउंटेड गन भी शामिल है।
इस गन की खूबियों को एक्सपो में आए विशेषज्ञों के द्वारा सराहना भी की गई। जीसीएफ से गन की विशेष बताने के लिए विशेषज्ञ कर्मचारियों की एक टीम को चेन्नई भेजा गया है। ४० किमी तक मारक क्षमता वाली इस गन को बीईएमएल के विशेष ट्रक पर सवार किया गया है। इसी तरह वीकल फैक्ट्री ने अपने प्रमुख उत्पादन एमपीवी को डिफेंस एक्सपो में भेजा है। फैक्ट्री के एमपीवी को भी दूसरे निजी रक्षा उत्पादकों के एमपीवी के साथ रखा गया है। यह वाहन नक्सल एवं आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में कारगर साबित होता है। वीकल फैक्ट्री की एक टीम भी एक्सपो के लिए जबलपुर से गई है।