
जबलपुर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर सरकार ने एक बार फिर सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। मप्र की सीमा से लगे महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के जिलों से आने वाली बसों में सवार यात्रियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा था, वहीं अब 7 से 15 अप्रैल तक छत्तीसगढ़-मप्र के बीच चलने वाली सभी अंतरराज्जीय बसों का संचालन बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इसके बाद अब प्रदेश के किसी भी जिले से कोई भी यात्री बस छत्तीसगढ़ न जाएगी और न ही वहां से कोई यात्री यहां आ सकेगा।
जबलपुर से छत्तीसगढ़ के लिए करीब आधा दर्जन बसों का संचालन होता रहा है, कोरोना के बाद से महज दो बसें ही जा रहीं थीं, जो आदेश के बाद से बंद हो गई हैं। जानकारों की मानें तो कोरोना के चलते वैसे भी यात्रियों की संख्या इतनी कम थी कि पूरी बसें भी नहीं भर पा रहीं थीं, कई बार बस मालिकों को डीजल का खर्चा भी नहीं निकल पा रहा था। बसें बंद होने से कुछ ज्यादा परेशानी नहीं होगी, लेकिन आवश्यक काम के लिए जाने वालों को अन्य साधन महंगे पड़ सकते हैं।
इसी तरह जबलपुर से नागपुर रोड पर चलने वाली बसों की संख्या में भी काफी कमी आई है। हर 20 मिनट में मिलने वाली बसें अब अलग अलग समय पर इक्का दुक्का ही चल रही हैं। जिनमें बमुश्किल लंबी दूरी वाली सवारियां मिल रही हैं। लोग भी लॉकडाउन के डर से घर से दूर जाने से बचते नजर आ रहे हैं। आम दिनों में यात्रियों से गुलजार रहने वाला आईएसबीटी दीनदयाल चौक सूनसान नजर आ रहा है।