
जबलपुर. विधानसभा चुनाव के माहौल में राजनीतिक सरगर्मी के बीच नेताओं की टिकट के लिए दावेदारी का अपना फलसफा है। उनकी अपनी छवि और दावे-वादे हैं। शहरी क्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्रों के सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं से पत्रिका ने सीधी बातचीत की। आखिर क्यों मिले उनको टिकट? क्या किया है और बताइए क्या करेंगे? ज्यादातर नेताओं का फोकस शहर के विकास को लेकर दिखा, लेकिन टिकट मिलने पर उनके दावों की असली परीक्षा जनता की अदालत में होगी।
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विधानसभा चुनाव की सरगर्मी में सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं से दो टूक
छवि और दावे-वादों पर ताल ठोंक रहे दावेदार, विकास को ही बनाएंगे मुद्दा
मध्य विधानसभा क्षेत्र - बाबू विश्वमोहन, कांगे्रस
शहर के विकास में परिवार का बड़ा योगदान रहा। विक्टोरिया अस्पताल, हाईकोर्ट की बिल्डिंग और खंदारी जलाशय की स्थापना में योगदान। शहर में नई विधाओं को लाने का काम किया। शिविरों के माध्यम से नि:शुल्क इलाज।
यह करके दिखाएंगे
व्यापार की बिगड़ती हालत को उबारने की दिशा में काम। मॉडल रोड जैसी सडक़। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों को समय पर पूरा करना। स्थायी विकास और रोजगार के लिए स्थानीय प्रयास।
शरद जैन (राज्यमंत्री)
मध्य क्षेत्र के विकास के साथ ही मंत्री रहते शहर के विकास के लिए विशेष कार्य किए। सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के साथ ही स्टेट कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट को आगें बढ़ाया। मेडिकल और विक्टोरिया अस्पताल का उन्नयन।
यह करके दिखाएंगे
यातायात के दबाव को कम करने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण। चौराहों को व्यवस्थित बनाने के साथ ही मनमोहन नगर में अस्पताल शुरू कराना। ट्रांसपोर्ट नगर को शहर से बाहर करना। सडक़ों का जाल फैलाना।
पश्चिम विधानसभा - तरुण भानोत, कांग्रेस
केंट विधानसभा में पांच साल तक जनसमस्याओं के निराकरण के लिए कार्य किए। सडक़ें चौड़ी कराईं। स्ट्रीट लाइट्स, साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार। बीमारियों के निजात के लिए आंदोलन, स्वास्थ्य शिविर लगाए।
यह करके दिखाएंगे
गोंडवानाकालीन ताल-तलैयों का संरक्षण कर जीर्णोद्धार। युवाओं के लिए रोजगार के लिए जुटाएंगे संसाधन। चौराहों का नियोजित विकास। अधूरी सडक़ें बनेंगी। खेलकूद के मैदान और प्रशिक्षकों की व्यवस्था करना।
डॉ.जितेन्द्र जामदार, भाजपा
समाज के हर वर्ग से जुड़ाव। पर्यावरण के क्षेत्र में निरंतर जागरुकता अभियान चलाया। पौधरोपण के साथ नर्मदा सेवा प्रकल्प के माध्यम से जागरुकता कार्य संचालित किए। लोगों से लगातार जुड़ाव।
यह करके दिखाएंगे
नौ प्रमुख बिंदु लेकर कार्य करेंगे काम, जिसमें रोटी, कपड़ा और मकान जैसी प्राथमिकताओं को पूरा करना। जबलपुर को मेडिकल हब बनाने के प्रयास। पर्यटन की दिशा में कार्य करेंगे। पर्यटन विकास की दिशा में करेंगे काम।
पूर्व विधानसभा लखन घनघोरिया, कांगे्रस
2008 से 2013 तक विधायक रहते क्षेत्र में सडक़, नाली और रोजगार के लिए किए काम। पानी की आपूर्ति सुचारू बनाने की दिशा में काम। संक्रामक बीमारियों के खिलाफ आंदोलन। व्यक्तिगत संसाधनों से विकास कार्य।
यह करके दिखाएंगे
क्षेत्र को अपराध और बेरोजगारी से मुक्त कराना। शिक्षा को बढ़ावा देना। संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान। पांच साल से जो कार्य नहीं किए गए, उन्हें जल्द पूरा करना।
अंचल सोनकर, भाजपा
क्षेत्र में सभी समाजों से संतुलन बनाकर कार्य। जलसंकट निजात दिलाने पानी की नई टंकिया बनवाई। विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर लगवाए, नई सडक़ें बनवाई। समस्याओं को लगातार विधानसभा में उठाया।
यह करके दिखाएंगे
नर्मदा जल की आपूर्ति उन क्षेत्रों तक कराना जहां अभी टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाता है। सिद्ध बाबा पानी की टंकी के आसपास पानी की टंकी बनवाना है। सडक़ों का चौड़ीकरण व बॉटल नेक दूर करना।
केंट विधानसभा - शिव यादव, कांग्रेस
केंट के विकास के लिए लगातार आंदोलन। शोभापुर ओवरब्रिज के निर्माण में देरी पर आंदोलन। बिजली, पानी की समस्याओं को लेकर आंदोलन। क्षेत्र में निरंतर स्वास्थ्य शिविर। केंट को सिविल एरिया बनाने के लिए आंदोलन।
यह करके दिखाएंगे
वोट बैंक की राजनीति को खत्म कर लोगों को वास्तविक हक दिलाना। शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाना। रोजगार के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम। जलसंकट दूर करने और बारिश में जलप्लावन रोकने के लिए कार्य करेंगे।
अशोक रोहाणी, भाजपा
रांझी-घमापुर मार्ग चौड़ीकरण कार्य। शोभापुर ओवरब्रिज का कार्य तेज गति से पूरा कराकर लोकार्पण। क्षेत्र से जुड़े विकास के मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया। मोहनिया में नए औद्योगिक क्षेत्र को मंजूरी दिलाई।
यह करके दिखाएंगे
क्षेत्र में पेयजल समस्या का स्थायी रूप से समाधान। सदर के सिविल एरिया का विस्तार करने के साथ ही कॉलोनियों का तेजी से विकास। जलसंकट से निजात दिलाने के लिए लगातार कार्य करेंगे। जनता के लिए हर समय उपस्थित रहेंगे।
ये भी हैं दावेदार
भाजपा - धीरज पटेरिया, अखिलेश जैन, संदीप जैन, हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू, प्रभात साहू, अभिलाष पांडे, शिवराम बेन, सुमित्रा बाल्मीकि, बलराज सोनकर, कमलेश अग्रवाल, रेखा सिंह।
कांग्रेस- सौरभ शर्मा, विनय सक्सेना, शशांक दुबे केवल कृष्ण आहूजा, नरिंदर पांधे, राममूर्ति मिश्रा, राजेश सोनकर, गजेन्द्र सोनकर, रमेश चौधरी, अभिषेक चौकसे, चमन श्रीवास्तव।