
जस्टिस अवनींद्र सिंह ने पत्नी सहित देहदान का लिया संकल्प- फोटो सोर्स : patrika
Justice Avnindra Singh : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने अपनी जीवनभर की संपूर्ण जमा पूंजी प्रधानमंत्री राहत कोष में दान करने की घोषणा की। उन्होंने पत्नी के साथ मृत्यु के बाद अंग एवं देहदान का संकल्प भी लिया। अपने लिए जिए तो क्या जिए… इन पंक्तियों का उल्लेख करते हुए जबलपुर में अपनी 36 वर्षों की न्यायिक सेवा की विदाई के मौके पर जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने ये बातें साझा कीं। उनके इस निर्णय की घोषणा के दौरान हाईकोर्ट सभागार का माहौल भावुक हो गया। मौजूद न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं ने उनके इस निर्णय और लंबे न्यायिक सेवा काल की सराहना की।
फुल कोर्ट फेयरवेल में जस्टिस अवनीेंद्र सिंह ने अपनी न्यायिक यात्रा के अनुभव साझा किए। 36 वर्षों तक न्याय व्यवस्था का हिस्सा रहने के बाद जब वे विदा हुए तो उनके संबोधन में समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी सामने आया। उनके इस निर्णय ने विदाई समारोह को भावनात्मक बना दिया।
मुख्य न्यायाधीश, वरिष्ठ न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं ने जस्टिस अवनीेंद्र सिंह के न्यायिक सेवा काल को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की। समारोह में उनके साथ काम करने वाले न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की मौजूदगी भी रही।
जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने वर्ष 1990 में सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा शुरू की थी। न्यायिक सेवा के अलग-अलग दायित्वों का निर्वहन करते हुए वे मई 2023 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए। हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में भी उन्होंने न्यायिक दायित्व निभाया। अपने विदाई संबोधन में उन्होंने न्यायिक यात्रा के दौरान मिले अनुभवों को याद किया।
जस्टिस अवनींद्र सिंह ने न्यायिक सेवा के दौरान सहयोग करने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान मिले अनुभव और लोगों का विश्वास हमेशा उनके साथ रहेंगे।
जस्टिस अवनीेंद्र सिंह की विदाई में सबसे अधिक चर्चा उनके उस निर्णय की रही, जिसमें उन्होंने अपनी संपूर्ण जमा पूंजी प्रधानमंत्री राहत कोष में दान करने की घोषणा की। सामान्य तौर पर सेवानिवृत्ति के बाद जमा पूंजी परिवार के भविष्य की सुरक्षा का आधार होती है, लेकिन जस्टिस सिंह ने इसे समाज के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया। इसी के साथ उन्होंने पत्नी के साथ मृत्यु के बाद अंग एवं देहदान का संकल्प भी लिया।
जस्टिस सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या घटकर 38 रह गई है। हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल 53 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में यहां पौने पांच लाख से अधिक मामले लंबित हैं।
Updated on:
18 Sept 2026 11:49 am
Published on:
18 Sept 2026 11:45 am
