बालाघाट ASP की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज, RSS प्रचारक से की थी मारपीट

शर्मा सहित दो एएसआई व अन्य पुलिसकर्मी हैं फरार, आरएसएस प्रचारक की पिटाई का मामला
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Updated: 17 Jan 2017, 9:49 PM IST
MP High court, M P Foundation day
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जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने बालाघाट जिले के बैहर पुलिस थाने में आरएसएस प्रचारक सुरेश यादव की पिटाई करने के मामले में आरोपित बालाघाट एएसपी राजेश शर्मा को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस जेके माहेश्वरी की एकलपीठ ने शर्मा, एएसआई अनिल अजमेरिया, एएसआई सुरेश विजार सहित अन्य पुलिसकर्मियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने आरोपितों को सरेंडर कर नियमित जमानत अर्जी पेश करने के निर्देश दिए।

ये है मामला

बालाघाट निवासी जावेद खान व अन्य ने 25 सितंबर 2016 को बैहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरएसएस प्रचारक सुरेश यादव ने एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाकर धर्मविरोधी प्रचार किया। टीआई जिया उल हक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश शर्मा ने पुलिसकमियों व जावेद खान सहित अन्य के साथ आरएसएस के स्थानीय कार्यालय में घुसकर सुरेश यादव के साथ मारपीट की, इसमें यादव को गंभीर चोटें आईं और उन्हें 16 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ा। आरोपितों के खिलाफ भादंवि की धारा 307, 392, 506, 147, 294, 323 व 452 के तहत प्रकरण दर्ज कि या गया है।

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जमानत अर्जी का विरोध

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर अतिरिक्त महाधिवक्ता पीके कौरव, उपमहाधिवक्ता संजय द्विवेदी व पैनल लॉयर मनजीत चक्कल ने आरोपितों की जमानत अर्जी का विरोध किया। कोर्ट को बताया गया कि किसी भी पुलिस अधिकारी को कानून हाथ में लेकर जनता से दुव्र्यवहार करने का अधिकार नहीं हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने एएसपी शर्मा, अजमेरिया, विजार व अन्य पुलिसकर्मियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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