जबलपुर

हाईकोर्ट के जज बोले- एक माह से गुम है किशोरी, क्या कर रही पुलिस

एसपी और टीआई को दिए 2 मई तक खोजकर पेश करने के निर्देश
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Updated: 27 Apr 2018, 8:26 PM IST
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जबलपुर. मध्यपदेश्र हाईकोर्ट ने करीब एक माह से लापता नाबालिग किशोरी को खोज पाने में असफल रहने पर जबलपुर पुलिस को फटकार लगाई है। जस्टिस विवेक रूसिया की सिंगल बेंच ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि एक माह से पुलिस क्या कर रही है? बेंच ने एसपी व माढ़ोताल टीआई को निर्देश दिए हैं कि लापता को २ मई तक खोजकर कोर्ट में पेश किया जाए।

यह है मामला
माढ़ोताल निवासी 15 वर्षीय किशोरी के पिता ने यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया कि उसकी नाबालिग पुत्री 1 अप्रैल की मध्यरात्रि में कहीं चली गई। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। मिली सूचना के आधार पर उसने माढ़ोताल पुलिस थाने में सागर के मूल निवासी व फिलहाल माढ़ोताल इलाके में ही रहने वाले अवधेश ठाकुर के खिलाफ अपनी नाबालिग पुत्री को अगवा करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद भी किशोरी को नहीं खोजा जा सका।

सागर से भी हो गया फरार
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र निखारे ने कोर्ट को बताया कि पुलिस टीम को आरोपी व नाबालिग किशोरी के सागर में होने की सूचना मिली थी। टीम सागर पहुंची भी। लेकिन आरोपी किशोरी को लेकर पहले ही वहां से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि नाबालिग किशोरी एक माह से लापता है, लेकिन पुलिस का रवैया लापरवाही भरा है। यह चिंताजनक है। इस पर कोर्ट ने एसपी व माढ़ोताल टीआई को निर्देश जारी किए।

इधर, बेटी से दुष्कर्म के आरोपित को उम्रकैद
जबलपुर. शराब के नशे में धुत होकर 16 वर्षीय पुत्री से दुष्कर्म के आरोपित को जिला अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडीजे आरपी सोनी की कोर्ट ने कहा कि अपराधी ने मानवता को शर्मसार करने वाला काम किया, लिहाजा उसे आखिरी सांस तक जेल में रखा जाए। कोर्ट ने अपराधी पर 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया। अतिरिक्तजिला अभियोजन अधिकारी जेएस चौधरी ने बताया कि 17 मार्च 2014 की रात सर्रापीपर रांझी निवासी ऑटो चालक विनोद मिश्रा नशे में धुत होकर घर लौटा। उसने घर में सो रही बेटी को धमकाकर दुष्कर्म किया। आरोपित की पत्नी व पीडि़त की मां ने रोकने की कोशिश की, तो उस पर भी चाकू से वार कर घायल कर दिया। रांझी पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लेकर भादंवि की धारा 376 व 498 के तहत प्रकरण में अदालत में पेश किया था। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने आजीवन कारावास से दंडित किया।

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