जबलपुर

व्यापमं घोटाला: पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन एसएन विजयवर्गीय की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

कोर्ट ने कहा-सरेंडर करो

2 min read
Apr 20, 2018
vyapam Case Latest News in Hindi and MP High Court Latest Judgment

जबलपुर। व्यापमं घोटाले में आरोपित पीपुल्स ग्रुप के चेयरमैन सुरेश एन विजयवर्गीय को मध्य प्रदेश हाइकोर्ट से शुक्रवार को तगड़ा झटका लगा है। व्यापमं मामले में विजयवर्गीय द्वारा अग्रिम जमानत के लिए दायर की गइ याचिका पर सुनवाइ हुइ। मामले की सुनवाइ करते हुए कोर्ट ने सुरेश एन विजयवर्गीय को अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने मामले में टिप्पणी करते हुए आरोपित को सरेंडर करने के लिए कहा है। इस फैसले के साथ ही विजयवर्गीय की मुश्किलें बढ़ गइ है। व्यापमं मामले में उन्हें जेल की हवा खाना पड़ सकता है।

कई दिग्गज फंसे
पीएमटी-2012 मामले में फर्जीवाड़े की जांच के बाद सीबीआइ ने कोर्ट में 592 आरोपियों के खिलाफ 1500 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। सीबीआइ ने पीपुल्स ग्रुप के चेयरमैन सुरेश एन. विजयवर्गीय, चिरायु के डॉ. अजय गोयनका, एलएन मेडिकल के जयनारायण चौकसे और इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के सुरेश भदौरिया समेत कइ दिग्गजों को आरोपी बनाया है। इसमें 245 नए चेहरों को आरोपी है, जो एसटीएफ की जांच में नहीं थे। इन सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए जा चुके है। जिसके बाद तकरीबन सभी दिग्गजों ने जेल जाने से बचने के लिए हाइकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इसमें अधिकांश आरोपितों को जेल से राहत मिल चुकी है। लेकिन विजयवर्गीय सहित कुछ दिग्गजों की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर नहीं की गइ है।

करोड़ों रुपए में बेची सीटें
जांच एजेंसी की पड़ताल में सामने आया कि प्रदेश के कुछ प्राइवेट कॉलेजों ने फर्जीवाड़ा करते हुए एमबीबीएस, बीडीएस की सीटें करोड़ों रुपए में बेची। इंडेक्स, पीपुल्स, चिरायु और एलएन मेडिकल कॉलेजों पर सरकारी कोटे की 160 सीटें करोड़ों रुपए में बेचने का आरोप है। इससे जुड़े मामले में ही शुक्रवार को सुनवाइ हुइ। कोर्ट ने सुरेशएन विजयवर्गीय को अग्रिम जमानत का लाभ देने से इनकार कर दिया है।

घोटाले से जुड़ी अहम जानकारी
- पीएमटी में 2000 करोड़ से ज्यादा का लेन-देन हुआ था।
- 5000 से ज्यादा स्टूडेंट्स पर इसका असर पड़ा, करियर तबाह हुआ।
- मामले में 500 पेरेंट्स समेत करीब 2000 आरोपी हैं।
- 80 लाख रुपए तक एमबीबीएस में दाखिले का रेट था।
- 1.5 करोड़ रुपए तक प्रीपीजी दाखिले के लिए वसूले गए।

ये भी पढ़ें

रेलवे स्टेशन में जवानों ने उतारे कपड़े, खड़ी रही ट्रेन

Published on:
20 Apr 2018 06:23 pm
Also Read
View All