बिजली की डिमांड और सप्लाई में एमपी देश के पांच राज्यों में शामिल

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सेन्ट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी) ने  जारी किए आंकड़े, 11500 मेगावाट से ऊपर की बिजली मांग व उपलब्धता के आधार पर हुई गणना
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Updated: 16 Jan 2017, 9:53 PM IST
Black is sold in units of electricity to the depar
Black is sold in units of electricity to the department, there is no guideline
जबलपुर। देश के 37 राज्यों व केंद्र शासित प्रदशों में बिजली की मांग और उपलब्धता में मध्य प्रदेश पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। सोमवार को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार देश के पांच राज्य ही 11500 मेगावाट से अधिक की बिजली मांग और उपलब्धता की क्षमता रखते हैं।

सीईए ने ये आंकड़े वित्तीय वर्ष 2016-17 के अप्रैल से दिसंबर तक अधिकतम बिजली मांग और उपलब्धता (पीक डिमांड एंड पीक मेट) के अंतर्गत जारी किए हैं। मप्र में बिजली उपलब्धता 18,300 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। दिसंबर में बिजली की अधिकतम मांग 11,501 मेगावाट रही।

एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि प्रदेश में अधिकतम बिजली की मांग के बावजूद कृषि क्षेत्र को सिंचाई के लिए 10 घंटे और घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित की गई। प्रदेश में इस सीजन में 26 दिन बिजली की मांग 11,000 मेगावाट से ऊपर बनी रही।

बिजली की अधिकतम मांग (मेगावाट)

1. महाराष्ट्र - 20,462
2. उत्तर प्रदेश - 15,501
3. तमिलनाडु - 14,823
4. गुजरात - 14,708
5. मध्य प्रदेश - 11,501
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