
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद मालिक हरिराम की तलाश में छापेमारी (फोटो सोर्स- ANI)
Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से हुई छह लोगों की मौत के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे के बाद से फरार बिल्डिंग मालिक हरिराम को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने 10 टीमें गठित की हैं। पुलिस की टीमें दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी छापेमारी कर रही हैं, जबकि आरोपी के खिलाफ LOC जारी किया गया है। वहीं, दिल्ली सरकार ने भी अवैध इमारतों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है।
पुलिस ने आरोपी मकान मालिक हरिराम को दबोचने के लिए 10 अलग-अलग टीमों का गठन किया है। इन सभी टीमों का नेतृत्व अतिरिक्त डीसीपी स्तर के बड़े अधिकारियों को सौंपा गया है। आरोपी के देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी कर दिया है। फिलहाल पुलिस की टीमें दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। आरोपी का एक ठिकाना गुरुग्राम में भी सामने आया है, जहां फिलहाल ताला लटका मिला है। पुलिस ने आरोपी मालिक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
इस घटना के बाद दिल्ली सरकार और प्रशासन सख्त हो गए हैं। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मामले पर संज्ञान लेते हुए दोपहर में एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, डीडीए, एमसीडी और दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट में भी मुख्य न्यायाधीश के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद इस घटना पर तुरंत सुनवाई होने जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ किया है कि हादसे के पीछे जिम्मेदार और लापरवाह एमसीडी अधिकारियों पर भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटनास्थल का दोबारा जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आम जनता की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। दिल्ली सरकार ने तुरंत प्रभाव से पूरे शहर में बनी ऐसी सभी अवैध 5-मंजिला इमारतों को सील करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में चल रहें PG और अन्य इमारतों की जांच शुरू कर दी है। जांच के समय जहां भी सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उन इमारतों पर तुरंत सील करने की कारवाई की जाएगी।
यह हादसा इतना भयानक था कि आसपास के मकानों की दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पास के ही एक गर्ल्स हॉस्टल और दूसरे मकानों को खाली करा लिया गया है। पास ही में रहने वाले एक छात्र विशाल ने बताया कि इमारत गिरने के बाद दूसरे मकानों के भी ढहने का खतरा पैदा हो गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने तुरंत खाली कराने का फैसला लिया। इस समय ज्यादातर छात्र अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर हैं। वहीं प्रशासन ने बाकी बची इमारतों को सहारा देने के लिए लोहे के भारी जैक लगाए हैं और स्थानीय कॉलेजों ने बेघर हुए छात्रों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था शुरू की है।
Updated on:
7 Sep 2026, 1:39 PM IST
Published on:
7 Sep 2026, 1:33 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.