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डीयू के कॉलेजों ने पेश की इंसानियत की मिसाल, सत्य निकेतन हादसे से बेघर छात्रों को दी पनाह, रहने-खाने का सहारा

Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी की इमारत गिरने से बड़ा हादसा। संकट की घड़ी में डीयू साउथ कैंपस के कॉलेजों ने बेघर हुए छात्रों की मदद के लिए अपने दरवाजे खोले। पढ़ें पूरी खबर...
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नई दिल्ली

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Pratiksha Gupta

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Updated: 7 Sep 2026, 12:28 PM IST

Delhi Building Collapse, Satya Niketan PG Accident

सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्रों के लिए DU कॉलेजों ने बढ़ाया मदद का हाथ (फोटो सोर्स- ANI)

Delhi Building Collapse Update: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पीजी की इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया है। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 6 लोगों की जान चली गई, जबकि पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते राहत और बचाव का काम जारी है। सत्य निकेतन में दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के काफी छात्र किराए पर रहते हैं। हादसे के बाद कई छात्र अपने कमरों में वापस नहीं जा पा रहे हैं। इस मुश्किल समय में डीयू के साउथ कैंपस कॉलेजों ने इंसानियत दिखाते हुए अपने दरवाजे छात्रों के लिए खोल दिए हैं।

संकट की घड़ी में कॉलेजों ने बढ़ाया मदद का हाथ

सत्य निकेतन का यह इलाका डीयू के छात्रों का मुख्य गढ़ माना जाता है। हादसे के बाद कई छात्र अपने रूम पर जा नहीं सकते हैं और बेघर हो गए हैं। ऐसे संकट के समय में आर्यभट्ट कॉलेज, आत्मा राम सनातन धर्म (ARSD) कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज आगे आए हैं। इन संस्थानों ने न सिर्फ कक्षाओं में छुट्टी की घोषणा की, बल्कि प्रभावित छात्रों के लिए अपने कैंपस को अस्थाई शेल्टर होम में बदल दिया है। यहां छात्रों को सुरक्षित रहने की जगह के साथ-साथ भोजन और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं।

'मजबूरी में जर्जर इमारतों में रहने को मजबूर हैं छात्र'

इस हादसे ने इलाके में रह रहे हजारों छात्रों को अंदर तक हिलाकर रख दिया है। छात्रों का कहना है कि सत्य निकेतन की गलियां बहुत संकरी हैं और यहां की इमारतें काफी पुरानी व कमजोर हैं। एक छात्र ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि हम यहां किसी खुशी से नहीं, बल्कि बेबसी में रहते हैं। कॉलेज पास होने के कारण फर्स्ट ईयर के छात्रों के पास बहुत ज्यादा विकल्प नहीं होते। इमारतें इतनी जर्जर हैं कि आग लगने या कोई हादसा होने पर भागने तक का रास्ता नहीं मिलता।

'पीजी माफिया' और भारी किराए से परेशान हैं छात्र

छात्रों ने इलाके में 'पीजी माफिया' पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि जर्जर और असुरक्षित कमरों के बावजूद उनसे भारी-भरकम किराया वसूला जाता है। यही वजह है कि पहले साल के बाद ज्यादातर छात्र इस इलाके को छोड़कर दूर फ्लैट्स में शिफ्ट होने को मजबूर हो जाते हैं। फिलहाल, बचाव कार्य जारी है और प्रशासन इमारत के निर्माण व सुरक्षा मानकों की जांच कर रहे हैं। वहीं, डीयू के कॉलेजों द्वारा उठाया गया यह कदम बेघर हुए छात्रों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रहा है।

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