
Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन में भरभराकर गिरी इमारत, मलबे में जिंदगी की जंग! चश्मदीद ने खोला हादसे का पूरा राज (फोटो सोर्स: ANI)
Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत के अचानक ढहने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए मलबे की ओर दौड़ लगाई और अंदर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद सुरजीत ने हादसे के शुरुआती पलों से लेकर पुलिस, क्रेन और जेसीबी के पहुंचने तक का घटनाक्रम बताया। उनके मुताबिक, शुरुआती बचाव में कुछ लोग जिंदा बाहर निकाले गए, लेकिन बाद में कई लोगों की मौत की खबर सामने आई।
समाचार एजेंसी ANI की ओर से साझा किए गए चश्मदीद सुरजीत के बयान के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 1:15 से 1:30 बजे के बीच हुई। सुरजीत ने बताया कि वह आर्यभट्ट कॉलेज से जुड़े हैं और इसी इलाके में रहते हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही वह तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए।
उनके अनुसार, शुरुआत में मौतों को लेकर कोई पुष्ट जानकारी नहीं थी। उस समय सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना था कि मलबे के भीतर कौन फंसा है और किन लोगों को बाहर निकाला जा चुका है।
सुरजीत ने बताया कि हादसे के बाद शुरुआती दौर में आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बचाव अभियान शुरू किया। स्थानीय लोगों ने मलबे दबे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। उनके मुताबिक, शुरुआती बचाव अभियान के दौरान मलबे से निकाले गए कई लोग जीवित थे।
स्थानीय लोगों की यह त्वरित पहल इसलिए महत्वपूर्ण रही, क्योंकि बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में कुछ समय लगा। करीब एक घंटे बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा।
विशेषज्ञ टीमों के पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों को सुरक्षा कारणों से घटनास्थल से पीछे हटने के लिए कहा गया। इसके बाद बचावकर्मियों ने मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों की तलाश का अभियान आगे बढ़ाया।
सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य जारी है। चश्मदीद के मुताबिक, हादसे के करीब डेढ़ से दो घंटे बाद मलबे से कुछ लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से कुछ लोगों की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत होने की सूचना सामने आई है।
घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए मौके पर क्रेन और जेसीबी मशीनें भी पहुंचीं। भारी मलबे को हटाने के लिए मशीनों की मदद से अभियान शुरू किया गया। मशीनों के संचालन के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने भीड़ को घटनास्थल से दूर कर दिया।
सुरजीत के बयान के अनुसार, मशीनों से मलबा हटाने के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था अपने हाथ में ले ली और लोगों को पीछे किया। ऐसे हादसों में मलबे का अचानक खिसकना या भारी मशीनों की आवाजाही बचाव अभियान को जोखिमपूर्ण बना सकती है। इसलिए घटनास्थल को खाली कराना राहत कार्य का अहम हिस्सा माना जाता है।
Updated on:
7 Sep 2026, 12:10 PM IST
Published on:
7 Sep 2026, 11:26 AM IST
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