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6 मौतों के बाद हादसे वाली जगह पहुंचीं CM रेखा गुप्ता, बोलीं- दोषी अधिकारियों पर भी होगा एक्शन

Delhi Building Collapse Latest News: सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने से 6 लोगों की मौत के बाद CM रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने दोषी अधिकारियों और लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
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CM Rekha Gupta

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने कहा, दोषी अधिकारियों पर भी सख्त एक्शन होगा। (फोटो सोर्स-ANI)

Delhi Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद सोमवार को भी राहत और बचाव का काम जारी है। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मलबे में किसी और के दबे होने की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफ की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इसके लिए डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

सोमवार सुबह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हादसे की पूरी जानकारी ली। सीएम ने कहा कि इस घटना में अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जिम्मेदार अधिकारी भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारत काफी पुरानी थी और बेसमेंट में पानी भरने के कारण उसके पिलरों को नुकसान पहुंचा। इसके बाद पूरी इमारत अचानक गिर गई। सरकार अब आसपास की दूसरी पुरानी और खतरनाक इमारतों की भी जांच करा रही है।

खतरे वाली इमारतें होंगी खाली

सीएम ने कहा कि जिस इमारत के पीछे वाली बिल्डिंग की हालत भी ठीक नहीं है, उसे खाली करा दिया गया है और उसे भी गिराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही इलाके में ऐसी दूसरी इमारतों की पहचान की जाएगी, जिनसे लोगों की जान को खतरा हो सकता है।

इस हादसे के बाद सरकार ने सिर्फ एक इमारत तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय आगे के लिए भी नियम सख्त करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीजी, हॉस्टल, नर्सिंग होम, स्कूल और दूसरी ऐसी इमारतों का समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में लोग रहते या आते-जाते हैं। सुरक्षा जांच में इमारत ठीक नहीं मिली तो वहां लोगों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी।

हादसे के बाद इमारत में रहने वाले छात्रों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है। उनके रहने की व्यवस्था कॉलेज हॉस्टल में की गई है। सरकार छात्रों और उनके परिवारों के संपर्क में है और जरूरत के हिसाब से मदद देने की बात कही गई है।

उधर, पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मालिक की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली और आसपास के इलाकों में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। हालांकि अभी तक उसका पता नहीं चल पाया है।

मलबे में मजदूर के फंसे होने की आशंका

दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि फिलहाल यह पक्का नहीं है कि मलबे में कोई और व्यक्ति फंसा है या नहीं। उन्होंने बताया कि सभी छात्रों की जानकारी जुटा ली गई है, लेकिन किसी अनजान मजदूर के अंदर फंसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए बचाव दल मलबे को सावधानी से हटाकर लगातार जांच कर रहा है।

इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली की पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे में किसी और व्यक्ति की तलाश पूरी करने के साथ-साथ यह पता लगाना भी है कि इतनी पुरानी इमारत को लेकर पहले क्या कार्रवाई हुई थी और अगर कहीं लापरवाही हुई तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।