
प्रदर्शन करते ABVP के छात्र (फोटो -ANI)
Delhi Satya Niketan building collapse: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। इस घटना से दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र और छात्र संगठन आक्रोशित हो गए है। रविवार की शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के मुख्यालय 'सिविक सेंटर' का घेराव किया। विरोध कर रहे छात्रों ने नगर निगम प्रशासन और पीजी मालिकों के खिलाफ नारे लगाए और जवाबदेही तय करने के साथ-साथ MCD कमिश्नर और मेयर के तुरंत इस्तीफे की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए ABVP के एक सदस्य ने कहा कि इस घटना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूरे छात्र समुदाय और एकेडमिक जगत को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां छात्र अपना भविष्य बनाने के लिए दूर-दराज के राज्यों से दिल्ली आते हैं, वहीं भ्रष्ट अधिकारियों और पीजी संचालकों की आपराधिक लापरवाही के कारण उनकी जान खतरे में पड़ जाती है।
ABVP सदस्य ने कहा, "हमारी मुख्य मांग है कि जवाबदेही तय की जाए और MCD चेयरमैन, जोनल कमिश्नर, MCD कमिश्नर और MCD मेयर तुरंत इस्तीफा दें। घटना में शामिल सभी भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा, सभी पीजी की सुरक्षा और संरचनात्मक मानकों की नियमित जांच के लिए एक स्वतंत्र निगरानी संस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि छात्रों की जान अब खतरे में न पड़े।
सिविक सेंटर के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान, बड़ी संख्या में छात्रों ने हाथों में प्लेकार्ड लेकर धरना दिया। छात्र नेताओं के नेतृत्व में छात्रों ने नगर निगम मुख्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने 'सुरक्षित कैंपस हमारा अधिकार', 'लापरवाही नहीं स्वीकार', 'पढ़ाई करें या जान बचाएं, जवाब दो' और 'एमसीडी कमिश्नर इस्तीफा दो' के नारे लगाए। छात्रों ने कहा कि वे प्रशासन से कोई भीख नहीं, बल्कि जीने का अधिकार, सुरक्षित शिक्षा और सुरक्षित हॉस्टल का अपना बुनियादी अधिकार मांग रहे हैं।
विरोध-प्रदर्शन में मौजूद सैकड़ों छात्रों ने एक साथ अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जला दीं। छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि इस घटना ने छात्रों के बीच असुरक्षा की गहरी भावना पैदा कर दी है। लेकिन वे अब चुप नहीं रहेंगे और सुरक्षा के अपने अधिकार के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Updated on:
6 Sep 2026, 9:16 PM IST
Published on:
6 Sep 2026, 9:16 PM IST
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