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Sachin Pilot: सचिन पायलट को पंजाब प्रभारी बनाने पर भाजपा का तंज, बोली- कांग्रेस खेल रही म्यूजिकल चेयर का खेल

Punjab Congress: कांग्रेस ने सचिन पायलट को भूपेश बघेल की जगह पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है। पायलट की नियुक्ति पर भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि नेताओं की जिम्मेदारियां बदलने से कांग्रेस की स्थिति नहीं बदलेगी।
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सचिन पायलट। फाइल फोटो- आईएएनएस

Punjab Congress In Charge: कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं बघेल को असम की जिम्मेदारी देते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव प्रभारी बनाया गया है। इस पर भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी म्यूजिकल चेयर का खेल बहुत अच्छी तरह से खेलना जानती है। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को बदलने, उनकी सीटें बदलने या जिम्मेदारियां बदलने से कुछ हासिल नहीं होगा। पार्टी को अपनी नीतियों और इरादों में बदलाव करने की जरूरत है।

कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में लोगों ने कांग्रेस को मौका दिया, वहां की स्थिति देखी जा सकती है। गुप्ता ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कर्नाटक, तेलंगाना, केरल और हिमाचल प्रदेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार को चार साल हो चुके हैं, लेकिन एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा अभी तक कागजों पर ही है। ऐसे में जनता कांग्रेस पर कैसे भरोसा कर सकती है। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस के इस फैसले से साफ है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक कांग्रेस एक परिवार की राजनीति करती रहेगी, तब तक पार्टी का भविष्य उज्ज्वल नहीं हो सकता। इसी वजह से कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी साधा निशाना

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी कांग्रेस के संगठनात्मक बदलाव पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली की तुलना अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति से की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस जहां भी जाती है, वहां गुटबाजी करती है। पंजाब में भूपेश बघेल प्रभारी थे और उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। वहां उनके खिलाफ ‘वापस जाओ’ के पोस्टर भी लगाए गए थे। संभव है कि इसी वजह से उनकी जिम्मेदारी बदलकर उन्हें असम भेजा गया हो। पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सचिन पायलट की नियुक्ति पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब में कितने भी पायलट ले आए, लेकिन पूरी कांग्रेस टीम कमजोर हो चुकी है। सचिन पायलट भी पंजाब में कोई असर नहीं डाल पाएंगे।

पायलट के नेतृत्व पर भरोसा जताया

हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इस संगठनात्मक बदलाव का स्वागत किया है और सचिन पायलट के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि राजनीतिक दलों में मतभेद होते रहते हैं, लेकिन जब कोई नया नेता जिम्मेदारी संभालता है तो कई बार मतभेद खत्म हो जाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब में भी ऐसा ही होगा। औजला ने कहा कि सचिन पायलट अनुभवी और युवा नेता हैं। वह नई पीढ़ी को पार्टी से जोड़ने में सफल हो सकते हैं। उन्हें उम्मीद है कि पायलट अपने अनुभव से पंजाब में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करेंगे।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सचिन पायलट जमीनी स्तर के नेता हैं। वह शुरुआत से ही लोगों से जुड़े रहे हैं और उनकी समस्याओं को समझते हैं। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पार्टी में समय-समय पर संगठनात्मक बदलाव होते रहते हैं। पंजाब राजस्थान से सटा हुआ है, इसलिए सचिन पायलट को यहां की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि वह अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी दी गई है, जो कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य है।