
इमारत का रेंट एग्रीमेंट आया सामने (फोटो सोर्स: ANI)
Satya Niketan Building Collapse: सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के भयावह हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने अब अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ने का ऐलान किया है। MCD ने स्पष्ट किया है कि चार मंजिल से अधिक ऊंची अवैध इमारतों को तत्काल सील किया जाएगा। इतना ही नहीं, नियमों की अनदेखी कराने या अवैध निर्माण को संरक्षण देने के दोषी पाए गए अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी। निगम ने ऐसे अधिकारियों की सेवा से बर्खास्तगी तक की चेतावनी दी है।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। यह भवन छात्रों के लिए पीजी के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। मलबे में कई लोगों के दबे होने की सूचना के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव अभियान के दौरान मलबे से लोगों को बाहर निकालने के लिए लंबे समय तक अभियान चलाया गया।
समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, हादसे में मृतकों की संख्या बाद में बढ़कर छह हो गई। घायलों को AIIMS के JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर समेत अस्पतालों में पहुंचाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, AIIMS ट्रॉमा सेंटर में घटना से जुड़े 10 मरीज लाए गए थे, जिनमें कुछ को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल इमारत की मजबूती और उसमें चल रहे निर्माण कार्य को लेकर उठ रहा है। पुलिस के अनुसार, भवन में गिरने से पहले निर्माण अथवा मरम्मत से जुड़ा काम चल रहा था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं संरचना में किए गए बदलावों ने उसकी मजबूती तो प्रभावित नहीं की।
पुलिस ने भवन के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि निर्माण संबंधी नियमों का पालन हुआ था या नहीं और इमारत में पीजी संचालन के लिए जरूरी सुरक्षा मानकों का अनुपालन किया गया था या नहीं।
हादसे के बाद MCD का सख्त रुख इस मामले को केवल एक इमारत तक सीमित नहीं रखता। निगम ने चार मंजिल से अधिक ऊंची अवैध संरचनाओं को निशाने पर लेने का फैसला किया है। साथ ही ऐसे मामलों में जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
MCD का कहना है कि ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। यानी आने वाले दिनों में दिल्ली के कई इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ सीलिंग अभियान तेज होने की संभावना है।
सत्य निकेतन जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र पीजी और निजी छात्रावासों में रहते हैं। इसलिए हादसे ने केवल अवैध निर्माण नहीं, बल्कि किराये के आवासों में अग्नि सुरक्षा, निकासी मार्ग, भवन की संरचनात्मक मजबूती और अनुमत उपयोग जैसे सवाल भी सामने ला दिए हैं। दिल्ली सरकार ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए हैं।
Updated on:
7 Sep 2026, 8:34 AM IST
Published on:
7 Sep 2026, 8:15 AM IST
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