Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली में होने वाली 21 तोपों की सलामी इस बार भी जबलपुर में बनी स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से दी जाएगी। यह आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और रक्षा क्षेत्र में जबलपुर की ताकत का प्रतीक है।
MP News: गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) पर राजधानी दिल्ली में दी जाने वाली 21 तोपों की सलामी में इस बार भी संस्कारधानी जबलपुर में स्वदेशी तकनीक से बनी 105 मिमी लाइट फील्ड गन (Light Field Gun) की गूंज सुनाई देगी। भारतीय सेना अब ब्रिटिशकालीन 25-पाउंडर तोपों के स्थान पर स्वदेशी एलएफजी का उपयोग कर रही है। यह बदलाव न केवल आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि जबलपुर के लिए भी गर्व का विषय है। इन तोपों का उत्पादन दशकों से शहर की गन कैरिज फैक्ट्री में किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, रक्षा क्षेत्र की कंपनी एडवांस वेपंस एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड के अंतर्गत आने वाली गन कैरिज फैक्ट्री में एलएफजी का लगातार निर्माण हो रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 12 तोपों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से तीन तोप भारतीय सेना को सुपुर्द की जा चुकी है। शेष की आपूर्ति निर्धारित समयसीमा में की जाएगी। जीसीएफ के जनसंपर्क अधिकारी ऋतुराज द्विवेदी के अनुसार, वर्ष 2023 में गणतंत्र दिवस के दौरान पहली बार इन स्वदेशी तोपों ने ब्रिटिश युग की तोपों की जगह ली थी। इससे पहले भी जीसीएफ में बनी स्वदेशी बोफोर्स 155 एमएम 45 कैलिबर धनुष तोप गणतंत्र दिवस परेड में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। इसकी मारक क्षमता 38 किलोमीटर है।
105 मिमी एलएफजी केवल औपचारिक समारोहों तक सीमित नहीं है। 17 किलोमीटर तक सटीक निशाना साधने वाली यह तोप पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर में भी इस्तेमाल की जा चुकी है। हल्की और कॉम्पैक्ट होने के कारण इसे कठिन इलाकों में तैनात करना और एयरलिफ्ट करना आसान है। राष्ट्रपति और राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान देने के लिए 52 सेकंड में विशेष ब्लैंक कार्टिज से सलामी दी जाती है, जिसमें सात एलएफजी एक सिरे से लगातार फायरिंग करती हैं। इन ब्लैंक कार्टिज का निर्माण म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड की इकाई द्वारा किया जाता है।
सेना की आरएफपी के तहत जीसीएफ को कुल 36 एलएफजी का उत्पादन करना है। चालू वित्तीय वर्ष में 12 और अगले वित्तीय वर्ष में शेष 24 तोपों का निर्माण किया जाएगा। हाल ही में छह तोपों का सफल परीक्षण जबलपुर स्थित लॉन्ग प्रूफ रेंज खमरिया में किया गया है। (MP News)
एलएफजी का उत्पादन लंबे समय से किया जा रहा है। सेना से पुनः इसका ऑर्डर प्राप्त हुआ है। इस वर्ष 12 तोपों की आपूर्ति का लक्ष्य है. जिसमें से तीन तोप सौंपी जा चुकी हैं और मार्च तक लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।- राजीव गुप्ता,
मुख्य महाप्रबंधक, जीसीएफ