MP News: रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच में महिला का पर्स चोरी करने की कोशिश करने वाला आरोपी करीब 5 घंटे तक तालाब में छिपा रहा, पुलिस ने गोताखोरों की मदद से पकड़ा।
MP News: मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक चोर आरपीएफ और पुलिस से बचने के लिए करीब 5 घंटे तक तालाब में डूबा रहा। फिल्मी कहानी की तरह तालाब में छिपा चोर कमल के डंठल से सांस लेता रहा। हालांकि उसकी सारी चालाकी उस वक्त धरी की धरी रह गई जब पुलिस ने गोताखोरों की मदद से उसे पकड़ लिया। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद पता चला है कि आरोपी एक शातिर चोर है जिसकी देश के कई राज्यों की पुलिस तलाश कर रही थी और वो अब तक 400 से ज्यादा चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। साल 2018 में उसे 70 लाख के हीरे-जवाहरात की चोरी में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने बताया कि रीवा-इतवारी एक्सप्रेस के एसी कोच में सवार महिला यात्री का पर्स एक चोर ने चुराने की कोशिश की। इसी दौरान आरपीएफ ने उसे देख लिया और जब उसका पीछा किया तो आरोपी खितौला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर भाग गया। आरपीएफ जवानों ने पीछा किया तो बचने के लिए चोर स्टेशन के पास ही बने तालाब में कूद गया। काफी देर तक जब चोर पानी में नजर नहीं आया तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद चोर को तालाब से पकड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक चोर करीब 5 घंटे तक पुलिस को चकमा देने के लिए काई से भरे तालाब में डूबा रहा और इस दौरान वो तालाब में लगे कमल के डंठलों की मदद से सांस लेता रहा। पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद जब आरोपी से पूछताछ की तो वो गुमराह करने के लिए अपना नाम बबलू और पता चंडीगढ़ बताता रहा लेकिन आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब को उस पर शक हुआ। तभी उन्हें याद आया कि एक वांटेड चोर का फोटो उन्होंने साल 2018 में अपने मोबाइल में सेव किया था। जब वो फोटो उन्होंने निकालकर देखी तो सामने फोटो वाला वांटेड चोर ही बैठा था। आरोपी का असली नाम हरविंदर सिंह है जो कि उत्तरप्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है और अब तक देशभर में 400 से ज्यादा चोरियां कर चुका है।
बताया गया है कि आरोपी हरविंदर सिंह एक शातिर चोर है जिसने देश के अलग अलग राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है और देश के कई राज्यों की पुलिस को उसकी तलाश है। आरोपी हरविंदर को साल 2018 में जब पकड़ा गया था तब उसके पास से 70 लाख के हीरे-जवाहरात बरामद हुए थे। आरोपी हरविंदर इतना शातिर है कि वो बार चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद अपनी सिम और हुलिया बदल लेता था। इतना ही नहीं कोई पहचान पत्र भी अपने साथ नहीं रखता है जिससे कि उसकी पहचान हो सके।