जबलपुर

नर्मदा की बीच धार में यात्रियों से भरी नाव पलटी, 8 डूबे और फिर हुआ ये….

तिलवारा में बीच धार पलटी नाव, तैरकर खुद और बच्चों को बचाया, बाल-बाल बचे ८ लोग, सभी बरगी के ग्राम घंसौर के थे  
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Jan 25, 2018
narmada river boat accident news in hindi
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जबलपुर . नर्मदा जयंती के अवसर पर पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के कारण तिलवाराघाट में आठ लोगों से भरी नाव पलट गई। बीच नदी में नाव पलटते ही चीख-पुकार से वहां अफरा-तफरी मच गई। वो तो गनीमत थी नाम में सवार सभी लोग तैराकी जानते थे और उन्होनें खुद को और बच्चों को संभाल लिया। पुलिस जब तक घाट पहुंचती, तब तक सभी नदी से निकलकर घंसौर पहुंच गए थे।

जानकारी के अनुसार घंसौर निवासी मुन्नालाल बर्मन (४८) व छुट्टू बर्मन (४८) परिवार की शिखा (२१), शिवानी (१८), शैली (१२) व दो अन्य समेत तिलवाराघाट पर पूजन-अर्चन करने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने नदी में नाव संचालन कर रहे परिचित भोला बर्मन को बुलाया। घाट पर भीड़ और पुलिस की मौजूदगी के बीच सभी नाव से घंसौर के लिए रवाना हुए।

तार में फंसकर पलटी नाव
नाव ब्रिज के तीसरे पोल तक पहुंची थी तभी नदी के नीचे से गुजर रहे तार में फंस गई। रफ्तार अधिक होने से नाव पलट गई। चीख-पुकार मच गई। घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तैराकी जानने वाले नदी में कूदे। तब तक मुन्ना, छुट्टू व भोला स्वयं ऊपर आए आए और एक-एक कर सभी को निकाला, लेकिन नाव पानी से बाहर नहीं आ सकी।

माइक से अनाउंस पर पहुंची पुलिस-
नाव पलटने की जानकारी घाट पर चल रहे एक कार्यक्रम के आयोजक ने माइक पर प्रसारित की। तब पुलिस को इसका पता चला। वहां तैनात एसडीओपी अशोक तिवारी, संजीवनी नगर टीआई संजय भलावी, तिलवारा थाना प्रभारी जितेन्द्र यादव समेत अन्य वहां पहुंचे, तब तक सभी नदी पार कर गांव पहुंच गए थे। इसके बाद पुलिस टीम गांव भेजी गई, जहां से सभी के नाम-पते दर्ज किए गए।

हादसे के समय वहां मौजूद लोगों ने बताया, पुलिस अधिकारी और जवान घाट पर तैनात होने के बाजय कुर्सियों पर आराम फरमा रहे थे। नाव के संचालन पर पूर्णत: रोक नहीं लगाई गई थी, जिससे हादसा हुआ।

बीच नदी में नाव पलटी थी। नाव चलाने वाले समेत आठ लोग डूबे, लेकिन वे स्वयं तैरकर अपने गांव घंसौर पहुंच गए।
- जितेन्द्र यादव, थाना प्रभारी, तिलवारा

Published on:
25 Jan 2018 09:43 am