
जबलपुर। बीज से निकला नन्हा पौधा एक नवजात शिशु के समान होता है। पालक बनकर हमें उन्हें बड़ा कर संभलने योग्य बनने तक की जिम्मेदारी है। यदि वह सूख रहा है या मर जाता है तो इसका पूरा दोष हमारा है। पर्यावरण की चिंता करने मात्र से हरियाली नहीं आएगी, बल्कि चिंतन को धरातल में उतारने और उसे फलिभूत करने का काम भी हमें ही करना होगा। ये बात पत्रिका द्वारा आयोजित पर्यावरण चिंतन एवं पौधरोपण कार्यक्रम में पधारे कोल माइंस भविष्य निधि कार्यालय के रीजनल कमिश्नर आरएस कश्यप ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। सभी ने मिलकर कार्यालय परिसर में पौधे लगाए और उन्हें बड़ा करने तक की जिम्मेदारी ली।
कार्यक्रम संयोजक वरिष्ठ समाजसेवी रत्ना श्रीवास्तव ने कहा पौधे लगाने का चलन इन दिनों खूब बढ़ा है, इसके कुछ सकारात्मक पहलू भी देखने मिल रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि इस दिखावे के चक्कर में हर साल हजारों पौधे जीवन का एक वर्ष भी नहीं देख पाते हैं। लोगों की लापरवाही उन्हें सूखने या मरने पर मजबूर कर देती है।
न लगाएं पौधे जिम्मेदारी ले लीजिए
समाजसेवी सुषमा जैन ने कहा भले आप पौधे न लगाएं, लेकिन आपके आसपास लगे पौधों, पेड़ों को बचाने व उनकी देखरेख करने की जिम्मेदारी ही ले लीजिए। ये भी प्रकृति की सेवा का ही रूप है।
संजय श्रीवास्तव ने कहा अच्छी सेहत के लिए जिस तरह हमें ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, वैसेही प्रकृति को इसके बांटने के लिए पेड़ पौधों की आवश्यकता है। विकास होना अच्छी बात है, लेकिन उसके बदले में काटे गए पेड़ों की संख्या के बराबर पौधे लगाना भी हमारी जिम्मेदारी है।
सहेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा बृहत स्तर पर प्लांटेशन करने से अच्छा है, हर व्यक्ति हर साल एक पौधा लगाए और उसकी देखरेख करे तो शहर के तापमान को कम करने में ये मील के पत्थर साबित होंगे।
हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने कहा संस्कारधानी जबलपुर की पहचान यहां की हरियाली और सुंदरवादियों वाले पहाड़ रहे हैं। नर्मदा की कृपा से ये सबसे स्वस्थ हवाओं वाला शहर माना जाता रहा है। लेकिन हम सब की अनदेखी, लालच ने इसे विषैला बना दिया है। सामूहिक प्रयास कर इसका वैभव लौटाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। जन जागरुकता के लिए इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए। जहां पौधे लगाए जाएं उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी तय हो।
इस अवसर पर भास्कर दीक्षित, संतोष कोरी, रोहित विश्वकर्मा, उदय भास्कर, श्रेष्ठ खरे, शशि खरे, विनोद श्रीवास्तव, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, एसके अहिरवार, रजत चौबे, केके श्रीवास्तव, जय प्रकाश तिवारी, पार्षद राजकुमार पटेल व अन्य सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।