
जबलपुर। देश के 115 जिलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीधी नजर है। इन जिलों में आने वाले समय में विकास कार्य बेहद तेज गति से होंगे। इसके लिए मोदी सरकार ने रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके संकेत केन्द्रीय ग्रामीण व पंचायत विभाग के सचिव अमरजीत सिन्हा ने दिए। वे जबलपुर और मंडला में राष्ट्रीय पंचायत चौपाल में शामिल होने के लिए आए है। सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार अगले चार साल में पंचायतों में विकास कार्यों पर 7 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्प्यूटर शिक्षा, रोजगार , पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री की मंशानुसार इस योजना में उन 115 जिलों के विकास पर फोकस किया जाएगा तो अभी तक पिछड़े हुए है।
चार वर्ष की ये योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंडला जिले के रामनगर में आदि महोत्सव और पंचायत चौपाल में भागीदारी से पहले पहुंचे केंद्रीय ग्रामीण व पंचायत विभाग के सचिव अमरजीत सिन्हा ने बताया कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने में ग्राम स्वराज अभियान की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस अभियान के तहत चार वर्ष में करीब 7 हजार करोड़ रुपए बुनियादी विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। सिन्हा के अनुसार आज 31 लाख पंचायतों में स्वसहायता समूहों से महिलाएं जुड़ी है उन्हें विकास से जोड़ लिया जाए तो तस्वीर बदल जाएगी।
पीएम का ये है सपना
जबलपुर में राष्ट्रीय पंचायत चौपाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा भारत को विकास के पथ पर आगे ले जाकर फिर विश्व गुरू बनाने पीएम मोदी का फ ोकस ग्रामीण विकास पर है। राज्य के ग्रामीण व पंचायती राज मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा गांवों में विकास के लिए 70 साल में जितनी राशि नहीं मिली, उतनी राशि पिछले ४ साल में मिली है। केन्द्रीय पंचायती राज व कृषि राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा की केन्द्र सरकार पंचायतों को ज्यादा मजबूत करने का काम किया है, अब पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है की देश के विकास में हर संभव योगदान करें। इससे पूर्व केन्द्रीय अपर सचिव डॉ बाला प्रसाद का उद्बोधन हुआ। केन्द्रीय अपर सचिव शालिनी प्रसाद धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कश्मीर से कन्याकुमारी
जबलपुर राष्ट्रीय पंचायत चौपाल में देश के कोने-कोने से चयनित जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक विभिन्न गांवों से निकलकर आए जनप्रतिनिधियों ने अपने उल्लेखनीय कार्य और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए की गइ पहल के बारे में सभी से जानकारी साझा की। चौपाल में अलग-अलग क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों की समस्या पर भी चर्चा हुइ। इस दौरान डाटा एंट्री ऑपरेटर को मिलने वाले वेतन का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। उसके समर्थन में यह कहा गया कि वह बहुत बड़ा काम करता है लेकिन उसे वेतन उतना बेहतर नहीं मिलता भारत नेट की समस्या बहुत अधिक है।