पीपीटी १५ एवं १६ अप्रैल को
जबलपुर . प्रदेश के पॉलीटेक्निक कॉलेजों में दाखिले के लिए प्री पॉलीटेक्निक टेस्ट (पीपीटी) होने जा रहा है। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के द्वारा करवाई जाने वाली यह परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी। शहर में पॉलीटेक्नीक कोर्सेज की डिमांड बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि जबलपुर के ढेरों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं। इस बार पीपीटी शहर के १२ ऑनलाइन सेंटरों में होने जा रही है, जिसमें दो दिनों तक तकरीबन ९२०० उम्मीदवार शामिल होंगे। परीक्षा १५ एवं १६ अप्रैल होगी। जबलपुर में दो सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज हैं, जबकि कुछ प्राइवेट पॉलीटेक्नीक कॉलेजेस भी हैं।
सीधे जॉब के मौके
यदि आप हायर एजुकेशन न लेकर सीधे जॉब तलाशना चाहते हैं, तब भी आपके पास पर्याप्त अवसर हैं। यह अवसर आपको पॉलीटेक्निक कोर्सेज के माध्यम से मिलता है। भारतीय रेलवे, इंडियन आर्मी, एअरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, विद्युत विभाग, पर्यटन मंत्रालय से जुड़े विभिन्न संस्थानों में आप अपना भविष्य संवार सकते हैं। इसके साथ ही निजी सेक्टर में भी पर्याप्त नौकरी के मौके हैं। इनमें पालिटेक्निक प्रशिक्षुओं की काफी मांग रहती है। आप अपनी शैक्षणिक योग्यता और क्षमता के अुनसार जॉब प्रोफाइल बना सकते हैं।
खूब है डिमांड
एक्सपर्ट विवेक चतुर्वेदी की मानें तो सरकारी हो या फिर प्राइवेट सेक्टर, हर जगह जूनियर इंजीनियर्स की जबरदस्त डिमांड है। एक रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में लाखों डिप्लोमा होल्डर्स जूनियर इंजीनियर्स की जरूरत होगी। पॉलिटेक्निक कई लिहाज से फायदेमंद है। सबसे अहम बात यह है कि पॉलिटेक्निक में दाखिला लेने के लिए किसी बड़े एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की जरूरत नहीं है। देखा जाए तो पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद कंपनियों और संस्थानों में कई तरह के अवसर उपलब्ध हैं।
इन विषयों में पॉलीटेक्निक कोर्स
मैकेनिकल, सिविल, ऑटोमोबाइल, पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, अप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, केमिकल इंजीनियरिंग, प्रिटिंग टेक्नोलॉजी, कम्प्यूटर साइंस।
जूनियर इंजीनियर बनने की दौड़ शुरू
१२ सेंटर में होगी ऑनलाइन मोड में एंट्रेंस परीक्षा
९ हजार से ज्यादा उम्मीदवार होंगे शामिल।
दो सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज हैं शहर में