जबलपुर

प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त आज, महादेव का पूजन करेगा मनोकामना पूरी: पंचांग

प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त आज, महादेव का पूजन करेगा मनोकामना पूरी: पंचांग  

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Jan 22, 2020
pradosh vrat puja ka samay, aaj ka shubh muhurat panchang
pradosh vrat puja ka samay, aaj ka shubh muhurat panchang

जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2076, संवत्सर का नाम : परिधावी, शाके संवत् : 1941, हिजरी संवत् : 1441 , मु.मास : जमादि उल , अव्वल 26, अयन : उत्तरायण, ऋतु : शिशिर ऋतुु, मास : माघ, पक्ष : कृष्ण पक्ष
तिथि - सूर्योदय से अर्धरात्रि 01.48 मि. तक जया संज्ञक त्रयोदशी तिथि रहेगी पश्चात रिक्ता संज्ञक चतुर्दशी तिथि लगेगी। त्रयोदशी में कामदेव की पूजा करने से मनुष्य उत्तम भार्या प्राप्त करता है तथा उसकी सभी कामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। चतुर्दशी तिथि में भगवान देवदेवेश्वर सदाशिव की पूजा करके मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों से समन्वित हो जाता है तथा बहुत से पुत्रों एवं प्रभूत धन से संपन्न हो जाता है।
योग- सूर्योदय से अर्धरात्रि 03.40 मि. तक व्याघात योग रहेगा पश्चात हर्षण योग लगेगा। व्याघात योग के स्वामी वायुदेव माने जाते हंै जबकि हर्षण योग के स्वामी भंगदेव माने गए हैं।
विशिष्ट योग- दोनों ही योग बेहद अशुभ माने जाते हैं जिनमे कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। व्याघात योग के प्रथम 03.12 मिव हर्षण योग के प्रथम 03.36 मि. का शुभ कार्यों में त्याग करना चाहिए।
करण- सूर्योदय से दोप. 01.47 मि. तक गर नामक करण रहेगा पश्चात वणिज नामक करण लगेगा। इसके पश्चात विष्टि नामक करण लगेगा।
नक्षत्र- सूर्योदय से अर्धरात्रि 12.19 मि. तक तीक्ष्ण दारुण मूल नक्षत्र रहेगा पश्चात उग्र क्रूर पूर्वा षाढ़ा नक्षत्र लगेगा। अन्य कार्य सभी प्रकार के मंगल कार्यों के लिए मूल नक्षत्र निषिद्ध माने गए हैं। वहीं गृह त्याग, मुकदमेबाजी, भिक्षुक आदि कार्य मूल नक्षत्र में किए जा सकते हैं। मकान, दुकान, मठ, मंदिर, कुआं, सडक़ और जल संबंधी कार्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में करना शुभ रहता हैं।

आज के मुहूर्त - अनुकूल समय में समस्त कृषि कर्म करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
श्रेष्ठ चौघडि़ए - प्रात: 07.10 मि. से 09.52 मि. तक क्रमश: लाभ व अमृत के चौघडिय़ा रहेंगे। प्रात: 11.14 मि. से दोप. 12.35 मि. तक शुभ का चौघडिय़ा रहेगा एवं दोप. 03.18 मि. से सायं: 06.01 मि. तक क्रमश: चंचल व लाभ के चौघडिय़ा रहेंगे।
व्रत/पर्व - प्रदोष व्रत। मेरू त्रयोदशी (जैन)।
चंद्रमा - सूर्योदय से लेकर सम्पूर्ण दिवस पर्यन्त तक चंद्रमा अग्नि तत्व की धनु राशि में रहेंगे।
भद्रा - अर्धरात्रि 01.48 मि. से प्रारंभ भद्रा का निवास पाताल में रहेगा।
दिशाशूल - उत्तर दिशा में। (अगर हो सके तो आज के दिन उत्तर दिशा में यात्रा को टालना चाहिए)।
राहु काल - दोप. 12.35.41 से 01.57.02 तक राहु काल वेला रहेगी। अगर हो सके तो इस समय में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।
आज जन्म लिए बच्चे- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (यो, भ, भी, भू, ध) अक्षरों पर रख सकते हैं। आज अर्धरात्रि 12.19 मि. तक जन्मे बच्चों का जन्म लोहे के पाए में होगा पश्चात तांबे के पाए में होगा। सूर्योदय से लेकर सम्पूर्ण दिवस पर्यन्त तक धनु राशि रहेगी। आज अर्धरात्रि 12.19 मि. तक जन्म लिए बच्चे की मूलशांति अवश्य कराएं। ऐसे जातक शरीर से प्रतिभाशाली होंगे। प्राय: इनका भाग्योदय करीब 33 वर्ष की आयु में होगा। इनके प्रत्येक कार्य व्यवस्थित होंगे। तकनीकी विषय में महारथ रहेगी। व्यावसायिक गतिविधि रहेगी। धनु राशि में जन्मे जातक को अभिमान से बचना चाहिए।

Published on:
22 Jan 2020 10:10 am