जिला उद्योग केंद्र के पास आ रहे आवेदन, अभी चल रहीं 150 इकाइयां
जबलपुर. जिले की औद्योगिक इकाइयां लॉकडाउन से उबरने के प्रयास में जुट गई हैं। इनमें जल्द ही काम शुरू होगा। एक पखवाड़े में करीब 100 इकाइयों में उत्पादन प्रारंभ हो सकता है। अभी जिले के सभी औद्योगिक केंद्रों में करीब 150 छोटी और बड़ी इकाइयां चल रही हैं। इनमें लगभग 90 ऐसी हैं जो कि लॉकडाउन में भी बंद नहीं हुई। इस बीच जिला उद्योग केंद्र में उद्योगों के संचालकों की आवेदन आने तेज हो गए हैं। एक मई से अब तक करीब 70 आवेदन आए हैं। जिला प्रशासन ने तय गाइडलाइन के अनुरूप उन उद्योगों को चालू करने की अनुमति देनी शुरू की है जो आवेदन कर रहे हैं। 4 मई से नया लॉकडाउन डाउन लागू हुआ है, उसमें जो शिथिलता दी गई हैं, उनमें उद्योग भी शामिल हैं। सवा महीने से ज्यादा समय से इनके बंद होने से आने वाले दिनों में जरूरी चीजों की सप्लाई भी बाधित हो सकती है। ऐसे में सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को अपनाते हुए इन्हें चालू करने की छूट दी है।
मजदूरों की कमी
इन उद्योगों के सामने सबसे बड़ा संकट मजदूरों का है। अभी तक सिर्फ इंडस्ट्री परिसर में रहने वाले मजदूरों को काम करने की अनुमति दी गई थी लेकिन अब कंटेनमेंट जोन को छोडकऱ बांकी जगहों के श्रमिकों को बुलाया जा सकता है। इसके बाद भी श्रमिकों की कमी है। ज्यादातर श्रमिक ग्रामीण क्षेत्र से होते हैं। वे शहर नहीं आना चाहते। इसी प्रकार वाहन बंद हैं, चेक पोस्ट पर सघन जांच होती है, इसलिए भी वे इन इंडस्ट्री तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
33 फीसदी का फॉर्मूला लागू
अभी उमरिया-डुंगरिया और ग्रामीण इलाकों की इंडस्ट्री चल रही है, लेकिन जो आवेदन आए हैं उनमें ज्यादातर अधारताल और रिछाई औद्योगिक क्षेत्र के लिए हैं। इनमें शुरुआत में 33 फीसदी कर्मचारी ही काम कर सकेंगे। बाद में यह नियम थोड़ा शिथिल किया जा सकता है। अभी भी अलग-अलग क्षेत्रों में इंडस्ट्री चल रही हैं। इनमें खाद्य सामग्री, दूग्ध उत्पाद, ट्रांसफॉर्मर, बिस्किट्स, ब्रेड, नमकीन, दाल मिल, राइस मिल, पानी के पाउच एवं बॉटल सहित दूसरी जरूरी चीजों का उत्पादन किया जा रहा है। इन्हें बंद नहीं किया गया था।
जिले में चार औद्योगिक केंद्रों का संचालन
-450 से अधिक छोटे एवं बड़े उद्योग स्थापित।
-10 हजार से ज्यादा श्रमिक को मिला है रोजगार।
-15 से ज्यादा वृहद, बाकी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के।
-रोजाना 10 12 आवेदन, मांगी जा रही है अनुमति
इंडस्ट्री खोलने के लिए नियमित रूप से आवेदन आ रहे हैं। इंडस्ट्री में उत्पादन सरकार की गाइडलाइन के अनुसार चालू करना है, जिन संचालकों के द्वारा इसे लागू करने का आश्वासन दिया जा रहा है, उन्हें अनुमति प्रदान की जाएगी।
देवब्रत मिश्रा, महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र