
जबलपुर। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान होने और आचार संहिता लागू होने के साथ ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने नर्मदा तट शनिवार को ग्वारीघाट में चुनावी शंखनाद किया। तीन विधानसभा क्षेत्रों में लगभग सात किमी लम्बा रोड शो किया। यहां अब्दुल हमीद चौक पर संक्षिप्त उद्बोधन में उन्होंने कहा कि 'अब मप्र की जनता नई सरकार चुनने जा रही है। प्रदेश में सबसे बड़ी चुनौती युवाओं को रोजगार दिलवाना है। किसानों की मदद करना है। कांग्रेस सरकार बनेगी, तो कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया युवाओं को रोजगार देने के लिए 24 घंटे कार्य करेंगे। हम सच्चे वायदे करते हैं। गरीब के खाते में 15 लाख और बेटी पढ़ाओ, भाजपा के एमएलए से बचाओ जैसे व्यंग्य बाणों से उन्होंने पीएम मोदी, शिवराज व भाजपा पर तीखे प्रहार भी किए।
विकास नहीं विनाश
राहुल गांधी ने कहा कि मप्र में शिवराज सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने साढ़े चार साल में युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया। मोदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य जनता का विकास नहीं, बल्कि अरबतियों का विकास है। उन्होंने अनिल अम्बानी का जिक्र करते हुए राफेल सौदे पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें उद्योगपति परिवार को उपकृत किया गया है।
रोजगार पहली प्राथमिकता
राहुल ने कहा कि यदि उनकी सरकार बनी तो युवाओं को रोजगार ही प्राथमिकता होगी। वे चाहते हैं कि युवाओं को रोजगार मिले। चाइना में बनने वाली चीजें मप्र और जबलपुर में भी बनें। सरकार बनने पर रोजगार के साथ ही सबसे पहले जीएसटी का सरलीकरण करेंगे। किसानों का कर्ज माफ करेंगे। रोड शो के दौरान राहुल गांधी के साथ मप्र कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, चुनाव समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा भी थे। इसके पूर्व राहुल गांधी ने ग्वारीघाट के उमाघाट पहुंचकर मां नर्मदा का पूजन व महाआरती की। इसके बाद रोड-शो में शामिल हुए। उनका रोड शो करीब 7 किलोमीटर लम्बा रहा।
आगे शो, पीछे सब साफ
आचार संहिता के लागू होने का भय रोड-शो में शामिल होने वाले और अपने फ्लैक्स टांगने वाले नेताओं में भी रहा। इनकी बानगी रोड शो के मार्ग पर देखने को मिली। जैसे-जैसे रोड शो आगे बढ़ता रहा, पीछे चल रही एक खास टीम मार्ग पर लगे फ्लैक्स और होर्डिंग्स को हटाते चल रही थी। रोड शो के समापन तक पीछे बहुत सारे पोस्टर्स, बैनर और फ्लैक्स गायब हो चुके थे।
लेट आए और जल्दी गए
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जबलपुर लेट पहुंचे और निर्धारित समय से पहले ही वापस दिल्ली रवाना हो गए। राहुल विशेष विमान से यहां शाम करीब 4 बजे पहुंचे। 4.18 बजे ग्वारीघाअ पहुंचा। 4 बजकर 26 मिनिट पर उन्होंने उमाघाट पर नर्मदा पूजन किया। इसके बाद रोड-शो और संक्षिप्त सभा के बाद शाम 7.25 बजे विशेष विमान से वे दिल्ली रवाना हो गए। राहुल करीब सवा तीन घंटे जबलपुर में रुके, जबकि जबलपुर में उनके कार्यक्रमों में करीब सवा 4 घंटे का समय निर्धारित था। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व राहुल18 जनवरी 2010 को जबलपुर आए थे। उस समय वे लोकसभा सांसद रहे। सेंट अलॉयसियस कॉलेज में हुए एक संवाद राष्ट्र के नाम में उन्होंने भागीदीरी की थी। उन्होंने कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया था। इस बार वे सीधे जनता से रू-ब-रू हुए।
युवती से लिया गुलाब का फूल
राहुल ने उपस्थित जनों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। उन्होंने कई उत्साही नौजवानों से हाथ मिलाया। कार्यकर्ताओं से पुष्पमालाएं भी लीं। इसी दौरान एक ओर खड़ी कुछ हाथ में गुलाब का फूल लिए युवतियों ने उनका ध्यान खींचा। कांग्रेस अध्यक्ष ने मुस्कुराकर उनमें से एक युवती के हाथ से फूल ले लिया। इस पर एनएसयूआई की कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वर में राहुल-राहुल के नारे भी लगाए।
सिंधिया ने दिया सहयोग
महाआरती के दौरान राहुल गांधी को निरंजनी उठाने में कुछ दिक्कत हुई। बगल में खड़े ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तत्काल वरिष्ठ नेता कमलनाथ के हाथ से निरंजनी लेकर आरती उतारकर दिखाया। इसके बाद राहुल ने निरंजनी उठाकर मां रेवा की आरती की।
महाआरती में गुब्बारे फटे
रोड शो के दौरान शास्त्री ब्रिज के पास लगे स्वागत मंच में महाआरती के दीपक के प्रभाव में गैस से भरे गुब्बारे आने से मामूली विस्फोट हो गया। करीब आधा दर्जन गुब्बारे फूटने से अफरा-तफरी मच गई। यही नहीं इससे बिजली के तारों में भी स्पार्र्किंग हो गई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत दीपक बुझाने के लिए कहा।
मॉडल पर स्टेंडी गिरे, एम्बुलेंस फंसी
मॉडल रोड पर समर्थकों की भीड़ ज्यादा होने से स्थिति गड़बड़ हुई। राहुल की झलक पाने के लिए लोग डिवाइडर पर चढ़ गए। इससे स्टैंडी गिर गई। इस कारण अफरा-तफरी की स्थिति भी बनी। इसके अलावा मिलौनीगंज क्षेत्र में एम्बूलेंस फंसने से परेशानी बढ़ गई।
हाथ हिलाकर सबका अभिवादन
राहुल गांधी रोड शो के पूरे रूट में हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन करते रहें। शास्त्री ब्रिज से तीन पत्ती चौराहा तक युवाओं की संख्या एकाएक बढ़ गई। कुछ जगहों पर समर्थक उनकी गाड़ी के नजदीक भी पहुंच गए। उनसे हाथ मिलाया। ज्यादातर लोगों ने फूलों की वर्षा से उनका स्वागत किया।