जबलपुर

शिवलिंग विसर्जित करते वक्त सगी बहनों की जलसमाधि, अवैध खनन के कारण बने गड्ढे में डूबने से मौत

शिवलिंग विसर्जित करते वक्त पैर फिसलने से गहरे गड्ढे में जा गिरीं दोनों बहनें..मां-दादी मदद के लिए चीखती रहीं...
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Updated: 9 Aug 2022, 4:33 PM IST
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जबलपुर. जबलपुर के पाटन थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां शिवलिंग विसर्जित करने गईं दो सगी बहनें पैर फिसलने के कारण तालाबनुमा गहरे गड्ढे में जा गिरीं जिससे उनकी मौत हो गई। दोनों बहनों की उम्र 17 और 15 साल थी जो अपनी दादी व मां के साथ अवैध खनन के बाद बने तालाबनुमा गड्ढे पर गई हुई थीं। आंखों के सामने बेटियों को डूबता देख मां व दादी ने मदद के लिए पुकार भी लगाई लेकिन जब तक लोग पहुंचे दोनों बहनें दुनिया को अलविदा कह चुकी थीं।

शिवलिंग विसर्जित करते वक्त सगी बहनों डूबीं
घटना पाटन थाना इलाके के उड़ना गांव की है जहां रहने वाली 17 साल की नेहा और 15 साल की निधि अपनी मां व दादी के साथ गांव के बाहर अवैध खनन के बाद बने गड्ढे में भरे बरसात के पानी में शिवलिंग विसर्जित करने के लिए गई थीं। दोनों बहनें पानी में शिवलिंग विसर्जित कर ही रहीं थीं कि तभी उनका पैर फिसल गया और वो फिसलकर गहरे गड्ढे में पहुंच गईं। बेटियों को डूबता देख मां व दादी ने मदद के लिए पुकार लगाई,चिल्लाईं जिनकी आवाज सुनकर स्थानीय लोग मदद के लिए भागकर मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक दोनों बहनें डूब चुकी थीं। बाद में दोनों के शवों को स्थानीय लोगों की मदद से गड्ढे से बाहर निकाला गया। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से हैरान है।


अवैध खनन के गड्ढे बने मौत का तालाब
बताया गया है कि गांव के आसपास जमीनों में अवैध खनन का काम जोरों पर चलता है जिसके कारण कई जगह पर गहरे गहरे गड्ढे बन गए हैं और इन गड्ढों में बारिश का पानी भर जाता है जिससे ये मौत का तालाब बन जाते हैं। पहले भी इन गड्ढों में डूबने से गांव के बच्चों व लोगों की जान जा चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मौत के तालाब लगातार लोगों की जिंदगी लील रहे हैं लेकिन जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। न तो खनिज विभाग और न ही पुलिस कोई कार्रवाई करता है जिसका खामियाजा ग्रामीणों को अपनों की जिंदगी खोकर उठाना पड़ रहा है।

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9 Aug 2022, 4:33 PM IST
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